डिजिटल युग में नकारात्मक पत्रकारिता से बचें सत्य और विश्वसनीयता बनाए रखें : सूर्यप्रताप शाही

डिजिटल युग में नकारात्मक पत्रकारिता से बचें सत्य और विश्वसनीयता बनाए रखें : सूर्यप्रताप शाही


ग्रामीण पत्रकारों की चुनौतियों के समाधान का भरोसा, सम्मेलन में आदित्य कुमार दुबे ने डिजिटल पत्रकारिता पर रखे विचार

गरीब दर्शन / पड़रौना, कुशीनगर –
नगर के एक निजी होटल में रविवार को आयोजित ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के प्रांतीय सम्मेलन में प्रदेश सरकार के कृषि एवं अनुसंधान कृषि शिक्षा मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने कहा कि पत्रकारिता के स्वरूप में समय के साथ बड़े परिवर्तन हुए हैं और अब डिजिटल युग का प्रभाव तेजी से बढ़ा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में नकारात्मक पत्रकारिता हावी होती जा रही है, जिससे पत्रकारिता की मूल आत्मा प्रभावित हो रही है। मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए मंत्री श्री शाही ने कहा कि आज भी अखबारों की खबरों को विश्वसनीयता का पैमाना माना जाता है। उन्होंने पुराने दौर का उल्लेख करते हुए कहा कि जब बहुत कम घरों में रेडियो होता था, तब भी आकाशवाणी की खबरों को भरोसे का प्रतीक माना जाता था। उन्होंने पत्रकारों से अपील की कि खबरों को सनसनीखेज बनाने के लिए नमक-मिर्च लगाने की प्रवृत्ति का त्याग करें और तथ्यपरक समाचार प्रस्तुत करें।
उन्होंने कहा कि पत्रकारिता अत्यंत चुनौतीपूर्ण कार्य है और जब भी पत्रकारिता की चर्चा होती है तो मदन मोहन मालवीय तथा रामनाथ गोयनका का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि ग्रामीण पत्रकारों की समस्याओं और चुनौतियों से योगी आदित्यनाथ को अवगत कराकर समाधान कराया जाएगा।

इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े पत्रकारों को संबोधित करते हुए।उन्होंने कहा कि दो व्यक्तियों के बीच की निजी वार्ता को खबर का हिस्सा बनाकर निजता का उल्लंघन नहीं करना चाहिए, क्योंकि यही नकारात्मक पत्रकारिता का रूप है।

विशिष्ट अतिथि शशांक मणि त्रिपाठी ने कहा कि पत्रकारों को मेटा स्टोरी पर भी ध्यान देना चाहिए और अर्धसत्य से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि पत्रकारों का दायित्व हर हाल में पूर्ण सत्य का उद्घाटन करना है। वहीं विजय कुमार दुबे ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पत्रकारिता करना अत्यंत चुनौतीपूर्ण है और ग्रामीण पत्रकारों के हर संघर्ष में उनका सहयोग सदैव रहेगा। सम्मेलन में ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ सिंह ने संगठन को प्रदेश का सबसे बड़ा, संघर्षशील और जुझारू संगठन बताते हुए कहा कि यह हमेशा पत्रकारों के हितों के लिए तत्पर रहता है।

इसी क्रम में युवा वक्ता आदित्य कुमार दुबे ने “डिजिटल युग में ग्रामीण पत्रकार की चुनौती” विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा कि आज सोशल मीडिया, ओटीटी प्लेटफॉर्म और डिजिटल माध्यमों के विस्तार के कारण सूचना का प्रवाह बेहद तेज हो गया है। उन्होंने कहा कि आज लगभग हर व्यक्ति मोबाइल के माध्यम से सूचना साझा कर रहा है, जिससे एक प्रकार से हर व्यक्ति पत्रकार बन गया है। आदित्य कुमार दुबे ने कहा कि ऐसे समय में ग्रामीण पत्रकारों के सामने सबसे बड़ी चुनौती सत्य, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को बनाए रखना है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि शुद्ध, प्रमाणिक और जनहितकारी समाचार प्रस्तुत करना है। उन्होंने पत्रकारों से अपील की कि वे “प्योर समाचार” को प्राथमिकता दें और डिजिटल युग में जिम्मेदार पत्रकारिता का उदाहरण प्रस्तुत करें। सम्मेलन में राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त बीज विकास निगम के अध्यक्ष राजेश्वर सिंह, फूलबदन कुशवाहा, विन्ध्यवासिनी श्रीवास्तव, मोहन वर्मा, मनीष जायसवाल, विवेकानंद पांडेय, शैलेन्द्र दत्त शुक्ल, डॉ देवेंद्र मणि त्रिपाठी, गोविंद मिश्र, महंत योगेश्वरनाथ, डॉ अरुण गौतम, डॉ वैभव ज्योति श्रीवास्तव सहित अनेक गणमान्य लोगों ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम के संयोजक एवं जिलाध्यक्ष शैलेश कुमार उपाध्याय ने अतिथियों का अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि को सात सूत्रीय मांग पत्र भी सौंपा गया। कार्यक्रम का संचालन अनूप कुमार मिश्र ने किया।

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