कैथवलिया में आस्था का महाविस्फोट : विराट रामायण मंदिर परिसर में विश्व के सबसे बड़े सहस्त्र शिवलिंग की पीठ पूजन स्थापना
गरीब दर्शन / मोतिहारी / केसरिया –
चकिया अनुमंडल अंतर्गत केसरिया के कैथवलिया में निर्माणाधीन दुनिया के सबसे बड़े विराट रामायण मंदिर के प्रांगण में 17 जनवरी को आस्था, श्रद्धा और सनातन परंपरा का ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला। यहां विश्व के सबसे विशाल सहस्त्र शिवलिंगम की विधिवत पीठ पूजन एवं स्थापना की गई।इस दिव्य आयोजन ने केसरिया को एक बार फिर वैश्विक धार्मिक मानचित्र पर विशेष स्थान दिला दिया। इस सहस्त्र शिवलिंगम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे तमिलनाडु के महाबलीपुरम में एक ही काले ग्रेनाइट पत्थर से तराशा गया है। इस अद्वितीय शिवलिंग के निर्माण में पूरे 10 वर्ष लगे। इसमें सूक्ष्म कलाकारी के साथ 1008 छोटे-छोटे शिवलिंग उकेरे गए हैं।इसका आकार और वजन भी इसे विश्व में अद्वितीय बनाता है। इस शिवलिंग की लंबाई 33 फीट, गोलाकार व्यास 33 फीट, वजन 210 मीट्रिक टन है। शास्त्रों के अनुसार इस सहस्त्र शिवलिंग पर जलाभिषेक और विधिवत पूजा-अर्चना करने से 1008 शिवलिंग की पूजा का पुण्य फल प्राप्त होता है और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। माघ कृष्ण पक्ष चतुर्दशी को भगवान महादेव के शिवलिंग रूप में उत्पत्ति की तिथि मानी जाती है। इसी शास्त्रीय मान्यता के अनुरूप इस पावन तिथि पर सहस्त्र शिवलिंगम की पीठ पूजन स्थापना की गई। इस शिवलिंग पर दूध, शक्कर, मधु, घी, जल, बेलपत्र, भांग और पुष्प अर्पित कर पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति मानी जाती है।विराट रामायण मंदिर परिसर में सहस्त्र शिवलिंग के पहुंचने के 12 दिनों के भीतर ही करीब 20 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ यह संकेत देती है कि केसरिया आने वाले समय में एक अंतरराष्ट्रीय धार्मिक केंद्र के रूप में स्थापित होगा। इस शिवलिंग की स्थापना के अवसर पर हरिद्वार, प्रयागराज, गंगोत्री, कैलाश मानसरोवर, सोनपुर सहित पांच पवित्र स्थलों से लाए गए जल से महाभिषेक किया गया। इसके साथ ही हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा और जलाभिषेक कर आयोजन को और भव्य बना दिया गया।सहस्त्र शिवलिंग की स्थापना के लिए देश के विभिन्न धार्मिक केंद्रों से आचार्य पहुंचे, जिसमें अयोध्या से 2 आचार्य, वाराणसी से 8 आचार्य, महावीर मंदिर ट्रस्ट से 2 आचार्य, महावीर मंदिर संस्कृत वेद विद्यालय से 8 छात्र शामिल हुए। वहीं यजमान के रूप में महावीर मंदिर ट्रस्ट के सचिव सायन कुनाल और उनकी पत्नी शांभवी चौधरी ने पीठ पूजन एवं स्थापना संपन्न कराई। वहीं शिवलिंग की प्राण-प्रतिष्ठा बाद में की जाएगी। उक्त कार्यक्रम में 17 जनवरी की समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा भी विराट रामायण मंदिर परिसर पहुंचे। मुख्यमंत्री दोपहर करीब 12 बजे पहुंचे और लगभग 20 मिनट तक मंदिर परिसर में रुककर दर्शन किए। मुख्यमंत्री आगमन को लेकर मंदिर परिसर में दो हेलीकॉप्टर उतरने के लिए हेलीपैड बनाया गया था। पुलिस प्रशासन ने राजपुर–चकिया–कल्याणपुर रूट का विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार किया, जिससे किसी प्रकार की असुविधा न हो। शिवलिंग से 100 फीट की दूरी पर यज्ञ मंडप, वीआईपी और वीवीआईपी पंडाल बनाए गए थे। आम श्रद्धालुओं के लिए पश्चिम दिशा में अलग व्यवस्था की गई थी।इस ऐतिहासिक आयोजन में डीएम सौरभ जोड़वाल, डीआईजी हरिकिशोर, एडीजी पंकज दराज, एसपी स्वर्ण प्रभात, एसडीएम शिवानी शुभम, चकिया डीएसपी संतोष कुमार, विराट रामायण मंदिर के सचिव ललन सिंह, कल्याणपुर विधायक सचिंद्र प्रसाद सिंह, केसरिया विधायक शालिनी मिश्रा, मयंकेश्वर सिंह, आचार्य कमलाकांत ओझा, कल्याणपुर थानाध्यक्ष विनीत कुमार, केसरिया थानाध्यक्ष अनुज कुमार पाण्डेय, एसआई मनीष कुमार मंडल सहित बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी और श्रद्धालु मौजूद रहे। सहस्त्र शिवलिंग की स्थापना के साथ ही केसरिया का विराट रामायण मंदिर परिसर अब केवल बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व के सनातन श्रद्धालुओं के लिए आस्था का महाकेंद्र बनता जा रहा है।




