सबका सम्मान जीवन आसान’ सरकार का मूल मंत्र : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

सबका सम्मान जीवन आसान’ सरकार का मूल मंत्र : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

समृद्धि यात्रा के दौरान मोतिहारी में विकास योजनाओं की हुई उच्चस्तरीय समीक्षा

गरीब दर्शन / मोतिहारी / पटना –

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि सरकार का मुख्य उद्देश्य है कि हर व्यक्ति को सम्मान मिले और उसका जीवन यापन आसान हो। इसी सोच के तहत राज्य सरकार प्रशासन को जनता के और अधिक करीब लाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि प्रत्येक सप्ताह दो कार्य दिवस सोमवार और शुक्रवार को सभी सरकारी कार्यालयों में पदाधिकारी आम लोगों से सम्मानपूर्वक मिलें, उनकी समस्याएं संवेदनशीलता से सुनें और त्वरित समाधान करें। यह बातें मुख्यमंत्री ने समृद्धि यात्रा के दौरान पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी स्थित गांधी मैदान में आयोजित विकासात्मक एवं कल्याणकारी योजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कहीं। बैठक में मुख्यमंत्री ने जिले में चल रही योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा- निर्देश दिए। समीक्षा बैठक के दौरान पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने प्रगति यात्रा से संबंधित योजनाओं, सात निश्चय-2 और सात निश्चय-3 के अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों की स्थिति पर प्रस्तुतीकरण दिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि प्रगति यात्रा के दौरान जिन योजनाओं को स्वीकृति दी गई है, उनके क्रियान्वयन में तेजी लाई जाए।
साथ ही सात निश्चय-2 की योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू करने और सात निश्चय-3 के तहत निर्धारित कार्यक्रमों पर प्रभावी ढंग से कार्य शुरू करने को कहा।मुख्यमंत्री ने कहा कि 20 नवंबर 2025 को नई सरकार के गठन के तुरंत बाद ही राज्य को देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने के उद्देश्य से सात निश्चय-3 को लागू किया गया।उन्होंने बताया कि सात निश्चय-3 के सातवें संकल्प “सबका सम्मान–जीवन आसान (Ease of Living)” का मुख्य लक्ष्य आम नागरिकों के दैनिक जीवन की कठिनाइयों को कम करना और प्रशासन को अधिक संवेदनशील बनाना है।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यह व्यवस्था 19 जनवरी 2026 से प्रभावी रूप से लागू की जाए। इसके तहत ग्राम पंचायत से लेकर थाना, अंचल, प्रखंड, अनुमंडल, जिला, प्रमंडल और राज्य स्तर तक सभी सरकारी कार्यालयों में आम लोग अपनी शिकायतों के समाधान के लिए संबंधित पदाधिकारी से सीधे उनके कार्यालय कक्ष में मिल सकेंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सभी सरकारी कार्यालयों में आगंतुकों के लिए सम्मानपूर्वक बैठने की व्यवस्था, पेयजल, शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाएं।
अधिकारियों से संवेदनशीलता के साथ काम करने की अपील मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार राज्य के हर नागरिक की सुविधा और सम्मान को सर्वोपरि मानती है। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे संवेदनशीलता, मानवीय दृष्टिकोण और जिम्मेदारी के साथ योजनाओं को लागू करें, ताकि बिहार को देश के अग्रणी और विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल किया जा सके। इस समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, जल संसाधन सह संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह, चंपारण प्रक्षेत्र के डीआईजी हरिकिशोर राय, पूर्वी चंपारण के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात सहित कई वरीय अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री के इस निर्देश से राज्य में प्रशासनिक कार्यशैली में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे आम जनता को सीधे और सम्मानजनक ढंग से अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा।

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