18 जनवरी (रविवार) को प्रकाशित खबर का असर

18 जनवरी (रविवार) को प्रकाशित खबर का असर

घटिया ईंटों से बना गली निर्माण रोका गया, मानक के अनुरूप होगा पुनर्निर्माण

गरीब दर्शन / दुर्गावती / कैमूर 

स्थानीय प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत सावठ पंचायत के वार्ड संख्या 10 में घटिया किस्म की ईंटों से कराए जा रहे गली निर्माण का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से रोक दिया है। थाना परिसर से सटे पानी टंकी के पास चल रहे इस निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौते का आरोप लगाते हुए 18 जनवरी (रविवार) को “घटिया किस्म की ईंटों से हो रहा गली निर्माण” शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई थी, जिसका सीधा असर अब देखने को मिल रहा है।
जानकारी के अनुसार शनिवार को गली निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने निर्माण में प्रयुक्त ईंटों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे। ग्रामीणों का कहना था कि निर्माण में इस्तेमाल की जा रही ईंटें कमजोर हैं और निर्धारित मानकों पर खरी नहीं उतरतीं। इससे गली के टिकाऊपन और मजबूती को लेकर आशंका जताई जा रही थी। ग्रामीणों ने इस संबंध में संबंधित विभागीय अधिकारियों को भी अवगत कराया, लेकिन जब तत्काल कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो मामले को मीडिया के माध्यम से उजागर किया गया। रविवार को खबर प्रकाशित होते ही प्रशासन हरकत में आया और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई। प्रखंड विकास पदाधिकारी ऋचा मिश्रा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए और संबंधित कर्मियों से स्पष्टीकरण की मांग की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सरकारी योजनाओं में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है। यदि जांच में निर्माण कार्य में लापरवाही, अनियमितता या मानकों की अनदेखी पाई जाती है, तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासनिक स्तर पर सख्ती के संकेत मिलते ही निर्माण एजेंसी पर भी दबाव बढ़ गया। इस संबंध में विभागीय जूनियर इंजीनियर कोकिल कुमार ने बताया कि गली निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है। उन्होंने स्वीकार किया कि निर्माण में उपयोग की गई ईंटें मानक के अनुरूप नहीं थीं। जेई ने स्पष्ट किया कि जहां-जहां घटिया किस्म की ईंटें लगाई गई हैं, उन्हें पूरी तरह उखाड़कर हटाया जाएगा और उनकी जगह प्रथम श्रेणी की मानक ईंटों से दोबारा निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पुनर्निर्माण के दौरान गुणवत्ता मानकों का पूरी तरह पालन कराया जाएगा, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की शिकायत की गुंजाइश न रहे। जेई कोकिल कुमार ने आगे जानकारी दी कि जब तक निर्माण कार्य सही तरीके से और निर्धारित मानकों के अनुसार पूरा नहीं हो जाता, तब तक योजना की जियो-टैगिंग को ब्रेक कर दिया गया है। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बिना गुणवत्ता जांच के न तो कार्य की प्रगति दर्ज की जा सकेगी और न ही किसी प्रकार का भुगतान किया जाएगा। मंगलवार को मौके पर ट्रैक्टर और मजदूरों के माध्यम से घटिया ईंटों को हटाने का कार्य शुरू कर दिया गया, जिससे स्थानीय लोगों में संतोष देखा गया। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि खबर के असर से प्रशासन और निर्माण एजेंसी दोनों में गुणवत्ता को लेकर सख्ती बढ़ी है। लोगों का मानना है कि यदि समय-समय पर इस तरह सरकारी योजनाओं में हो रही अनियमितताओं को उजागर किया जाए, तो विकास कार्यों में लापरवाही पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि आगे भी प्रशासन सजग रहेगा और विकास कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्ता सुनिश्चित करेगा, जिससे आम जनता को टिकाऊ और मजबूत बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिल सके।

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