शिवहर जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी ने की बड़ी कारवाई

नियमों को ताक पर रखकर भ्रष्टाचार एवं अनियमितता बरतते हुए मानदेय भुगतान मामले में शिवहर जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी ने की बड़ी कारवाई

– शिवहर के सिविल सर्जन को पुरनहिया के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक से मानदेय मद की राशि वसूल करने का दिया आदेश, विभाग में मचा हड़कंप

एक पखवाड़ा बाद भी राशि की वसूली हेतु सिविल सर्जन स्तर पर नहीं हुई कारवाई

शिवहर के दोस्तियां हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में सीएचओ की अवैध बहाली कर निर्बाध रूप से डीपीएम व पुरनहिया (शिवहर )के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी पर लगातार 16 माह तक 32 हजार रुपए प्रति माह मानदेय के रूप में भुगतान करने का आरोप

गरीब दर्शन / पटना – शिवहर जिला के स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त अनियमितता, लूट – खसोट एवं भ्रष्टाचार की कलई जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के आदेश के बाद परत – दर – परत खुलती जा रही है। डीपीजीआरओ की इस कारवाई से”सैया भईलन कोतवाल अब डर काहे का”लोकोक्ति को चरितार्थ कर रही स्वास्थ्य महकमा में हड़कंप व्याप्त है। जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी ने भटहां निवासी संजय कुमार सिंह के परिवाद की सुनवाई करते हुए आरोप की बाबत सिविल सर्जन कार्यालय से बार-बार प्रतिवेदन देने की मांग के बाद भी आनाकानी एवं भ्रम की स्थिति पैदा करने के बाद 19 फरवरी 2026 को दिए गए अपने फैसले में लोक प्राधिकार सिविल सर्जन, शिवहर को आदेश दिया है कि जिले के पुरनहिया प्रखंड के दोस्तियां हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर में नियमों को ताक पर रखकर अवैध राशि की वसूली करके पदस्थापित कराए गए सीएचओ दीपक मीणा को भुगतान की गई मानदेय राशि प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र,पुरनहिया एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक मुक्ता भारती, शिवहर से वसूली करना सुनिश्चित करें। जब डीपीजीआरओ के आदेश के संबंध में सिविल सर्जन कार्यालय के बड़ा बाबू रमेश कुमार से जानकारी ली गई तो उन्होंने कहा कि आदेश संबंधी मेल प्राप्त हुई है। इसे लेकर जब जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्रीमति मुक्ता भारती का पक्ष उनके मोबाईल फोन से जानने की कोशिश की तो उन्होंने कहा कि आप मेरे सीनियर से बात करें वहीं सिविल सर्जन, शिवहर ने जानबूझकर कहा कि मुझे इस संबंध में कुछ भी पता नहीं है। यहां यह लोकोक्ति अक्षरशः चरितार्थ हो रही है एक तरफ शिवहर के स्वास्थ्य महकमा में लूट -खसोट मचा हुआ है, विभाग जल रहा है वहीं दूसरी ओर सीएस चैन की नींद लेते हुए नीरो की तरह बांसुरी बजाने में मशगूल हैं। हद तो यह है कि जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी ने अपने फैसले में कहा है कि अभिलेख अवलोकन से स्पष्ट है कि राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा योगदान की तिथि 30.12.2023 एवं योगदान हेतु पुनः विस्तारित तिथि 29.4.2024 को दीपक मीणा योगदान नहीं किए लेकिन सिविल सर्जन के स्तर से दिनांक 5/7/24 को दीपक मीना से योगदान ले लिया गया जो राज्य स्वास्थ्य समिति बिहार पटना के निर्देश के अनुरूप नहीं है। योगदान के लिए विस्तारित तिथि 29/4/ 2024 तक योगदान न लेकर दीपक मीना से 5/7/24 को योगदान लेकर जुलाई 2023 से अक्टूबर 2024 तक दीपक मीना से कार्य लेकर उन्हें 32000 रुपए प्रति माह के दर से भुगतान किया जाना प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, पुरनहिया/जिला कार्यक्रम प्रबंधक, शिवहर का भुगतान आदेश युक्ति संगत प्रतीत नहीं होता है। यहां बताते चलें कि स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त अनियमितता एवं लूट खसोट को लेकर शिवहर जिला के भटहाँ गांव के पारिवादी संजय कुमार सिंह द्वारा जनवरी महीने में बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम 2015 के तहत परिवाद दायर किया गया। दर्ज परिवाद पत्र श्रीमती मुक्ता भारती जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला स्वास्थ्य समिति, शिवहर द्वारा अवैध राशि उगाही कर फर्जी एवं गलत रूप से दीपक मीणा को हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर दोस्तियां पुरनहिया को विभागीय आदेश के विरुद्ध जाकर कार्य लेने एवं फर्जी तरीके से मानदेय भुगतान करने से संबंधित है। परिवाद को स्वीकृत करते हुए परिवाद की छायाप्रति सिविल सर्जन शिवहर को भेजते हुए प्रतिवेदन की मांग की गई। वाद की सुनवाई विभिन्न निर्धारित तिथियों को की गई किंतु प्रतिवेदन देने में टालमटोल, आनाकानी एवं भ्रम की स्थिति उत्पन्न की गई तब जाकर लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी ने अपना निर्णय देते हुए भुगतान किए गए मानदेय राशि की वसूली सुनिश्चित कराने का आदेश सिविल सर्जन को दिया है। करीब एक पखवाड़ा बीतने के बाद भी सिविल सर्जन द्वारा राशि वसूली के लिए आवश्यक कदम नहीं उठाया गया है जो गहन जांच का विषय है।

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