जाताहर बच्चे में छिपी है प्रतिभा उसे पहचानें शिक्षक : पीएम मोदी
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेताओं से संवाद में पीएम मोदी ने बच्चों के समग्र विकास पर दिया जोर
गरीब दर्शन / नई दिल्ली
शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आधिकारिक आवास 7 लोक कल्याण मार्ग पर राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित करीब 48 शिक्षकों से संवाद किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने शिक्षा की गुणवत्ता के साथ बच्चों के समग्र विकास पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षक का दायित्व केवल बच्चों के अंक और परीक्षा परिणाम तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि हर बच्चे की प्रतिभा और क्षमता को पहचानकर उसे आगे बढ़ाना भी जरूरी है। हर बच्चे में कोई न कोई छिपी प्रतिभा, योग्यता और क्षमता होती है। उसे पहचानना शिक्षक का महत्वपूर्ण कर्तव्य है। प्रधानमंत्री ने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे केवल किताबों और पाठ्यक्रम तक सीमित न रहें, बल्कि बच्चों के जीवन से जुड़ें। उनके व्यवहार, रोजमर्रा की जिंदगी और सामने आने वाली चुनौतियों को समझने का प्रयास करें। प्रधानमंत्री ने बच्चों में बढ़ते स्क्रीन टाइम को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने इसे एक तरह की लत बताते हुए इसे नियंत्रित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। पीएम मोदी ने कहा कि बच्चों को वीडियो गेम की दुनिया से बाहर निकालकर खेल के मैदान और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बच्चों के बचपन को मरने नहीं देना चाहिए। शिक्षक वह महत्वपूर्ण व्यक्ति है, जो बच्चे के भीतर के बचपन को जीवित रखते हुए उसके व्यक्तित्व का बेहतर निर्माण कर सकता है। प्रधानमंत्री ने शिक्षकों से छात्रों को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों के प्रति जागरूक करने की भी अपील की। संवाद के दौरान राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेता शिक्षकों ने अपने नवाचारी शिक्षण तरीकों और अनुभवों को प्रधानमंत्री के साथ साझा किया। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि शिक्षक समाज के सबसे मजबूत स्तंभों में हैं। राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि बच्चों के भविष्य को संवारने का काम केवल अच्छे अंक दिलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके पूरे व्यक्तित्व का निर्माण करना शिक्षक की बड़ी जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री ने सभी राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं।

