उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज की
गरीब दर्शन / नई दिल्ली :
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को फरवरी 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े बड़े साजिश मामले में कार्यकर्ता उमर खालिद और शरजील इमाम की नियमित जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह और न्यायमूर्ति दिनेश भट्ट की खंडपीठ ने दोनों की अपील खारिज करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के 5 जनवरी 2026 के आदेश में बदलाव नहीं किया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी में दोनों की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा था कि वे सुरक्षित गवाहों की जांच पूरी होने या आदेश के एक साल बाद, जो भी पहले हो, नई याचिका दायर कर सकते हैं। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि ये शर्तें अभी पूरी नहीं हुई हैं, इसलिए जमानत देना सुप्रीम कोर्ट के आदेश का संशोधन होगा, जो संभव नहीं। दोनों पर यूएपीए समेत अन्य धाराओं में आरोप है। पुलिस का आरोप है कि वे दंगों के मास्टरमाइंड थे। इन दंगों में 53 लोगों की मौत हुई और 700 से अधिक घायल हुए। शरजील इमाम को 25 अगस्त 2020 और उमर खालिद को 13 सितंबर 2020 को गिरफ्तार किया गया था। दोनों करीब छह साल से जेल में हैं।कड़कड़डूमा ट्रायल कोर्ट ने 4 जुलाई को उनकी तीसरी जमानत याचिका खारिज की थी। उसके बाद दोनों ने हाईकोर्ट का रुख किया था। यह तीसरी बार है जब हाईकोर्ट ने उन्हें राहत देने से इनकार किया है। कोर्ट ने कहा कि अन्य सह- आरोपियों से उनकी भूमिका अलग है, इसलिए समानता का दावा नहीं किया जा सकता।

