बेलौड़ी मामले में मोहनिया थाना घेराव निष्पक्ष जांच की मांग तेज
ग्रामीणों का जोरदार प्रदर्शन
एकतरफा कार्रवाई का आरोप
गरीब दर्शन/मोहनिया/कैमूर (भभुआ)
कैमूर जिला के मोहनिया थाना क्षेत्र अंतर्गत तथाकथित बेलौड़ी मामले को लेकर सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों में शामिल महिला व पुरुष ने मोहनिया थाना का घेराव कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया और पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की मांग की। शांतिपूर्ण रूप से प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बिना ठोस साक्ष्य के निर्दोष ग्रामीणों को नामजद किया गया है, जिससे गांव में भय और असंतोष का माहौल उत्पन्न हो गया है।
13 फरवरी शाम को गांव में नहीं हुई कोई हिंसात्मक घटना
ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि 13 फरवरी की संध्या उनके गांव में किसी प्रकार की कोई हिंसात्मक घटना नहीं हुई थी। इसके बावजूद भभुआ अनुमंडल क्षेत्र के निवासी उत्तम पटेल द्वारा सोशल मीडिया पर झूठी अफवाह फैलाई गई, जिससे गांव का माहौल तनावपूर्ण हो गया। लोगों का आरोप है कि अफवाह के आधार पर पुलिस में मामला दर्ज कराया गया, जो पूरी तरह तथ्यों से परे है।
100 अज्ञात समेत 18 नामजद, ग्रामीणों में रोष
शांतिपूर्ण रूप से प्रदर्शन कर रहे लोगों ने थानाध्यक्ष के समक्ष कहा कि जिस स्थान पर गाड़ी पर पथराव और गोली चलने का दावा किया जा रहा है, वह स्थल बेलौड़ी गांव से काफी दूर है। ग्रामीणों का आरोप है कि सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रम फैलाकर निजी लाभ के उद्देश्य से मोहनिया थाना में लगभग 100 अज्ञात और 18 लोगों को नामजद करते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। इस कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
एसडीपीओ के समक्ष लोगों नें रखी अपनी मांग
बाहरी तत्वों पर रोक की मांग
इसी क्रम में एक शिष्टमंडल ने मोहनिया एसडीपीओ से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि एक बाहरी व्यक्ति, जिस पर पूर्व से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज बताए जाते हैं, लगातार गांव में आकर शांति भंग करने का प्रयास कर रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से ऐसे तत्वों के गांव में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
एफएसएल जांच में गोली चलने की पुष्टि नहीं
एसडीपीओ ने बताया कि मामले की जांच एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) से कराई गई है। जांच रिपोर्ट में गोली चलने या चलाए जाने की पुष्टि नहीं हुई है।
उन्होंने आश्वस्त किया कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होगा और सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।
जांच जारी तथ्यों के आधार पर होगी कार्रवाई
फिलहाल पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच जारी है और तथ्यों व साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो वे आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखेंगे।


