रात में बांधों पर पहरा : बाढ़ में राहत का मोर्चा संभाले प्रशासन
चंपारण तटबंध समेत सभी रिंग बांध सुरक्षित
डीएम – एसपी ने राहत शिविर में परोसा भोजन
नाव – मोटरबोट से गांवों तक पहुंच रही मेडिकल टीम
गरीब दर्शन/मोतिहारी।
नेपाल के तराई क्षेत्र में भारी बारिश और वाल्मीकिनगर बराज से गंडक में भारी जलस्राव के बाद पूर्वी चंपारण के अरेराज, केसरिया और संग्रामपुर के निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। हालात पर प्रशासन की पैनी नजर है। चंपारण तटबंध समेत जिले के सभी रिंग बांध सुरक्षित हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने रातभर बांधों की निगरानी की।
बुधवार रात से गुरुवार सुबह छह बजे तक जिला प्रशासन के वरीय अधिकारियों ने पुलिस, बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण विभाग के अभियंताओं और स्थानीय प्रशासन के साथ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार पेट्रोलिंग की। संग्रामपुर में डीडीसी डॉ. प्रदीप कुमार, अरेराज में सहायक समाहर्ता राजकृष्ण झा और केसरिया में अपर समाहर्ता विभागीय जांच मो. सिबगतुल्लाह ने निगरानी की।
शिविर में पहुंचे डीएम-एसपी, खुद परोसा खाना
गुरुवार को डीएम और एसपी ने अरेराज की नवादा पंचायत स्थित नोनिया टोला बाढ़ शरणस्थली का निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने मेडिकल कैंप और सामुदायिक रसोई की व्यवस्था देखी। बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचकर उनका हाल जाना और स्वयं खाना परोसकर भोजन की गुणवत्ता व व्यवस्था की जानकारी ली।
सिविल सर्जन के अनुसार, पिछले तीन दिनों में बाढ़ प्रभावित अंचलों में लगाए गए मेडिकल कैंपों में करीब 4 हजार लोगों की जांच की जा चुकी है और 2500 से अधिक लोगों को दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं।मेडिकल टीमें अब नाव और मोटरबोट के जरिए प्रभावित गांवों तक पहुंचकर लोगों की जांच और दवा वितरण कर रही हैं।
लोगों के साथ मवेशियों की भी चिंता
राहत शिविरों में रह रहे लोगों को सुबह चना, गुड़ और केला नाश्ते में दिया जा रहा है। संग्रामपुर में पशुपालन विभाग ने बिन टोली के पास बांध पर बाढ़ प्रभावित मवेशियों के लिए भूसा वितरित किया।
बाढ़ के बीच प्रशासन ने राहत, स्वास्थ्य और निगरानी तीनों मोर्चों पर व्यवस्था मजबूत कर दी है। बांधों पर लगातार नजर रखी जा रही है, जबकि प्रभावित लोगों तक भोजन, दवा और पशु चारा पहुंचाने का सिलसिला जारी है।


