महज 22 वर्ष की उम्र में लगातार दूसरी बार यूजीसी-नेट में सफलता

महज 22 वर्ष की उम्र में लगातार दूसरी बार यूजीसी-नेट में सफलता

मीडिया अध्ययन में पीएचडी के लिए पात्र हुई श्रेया, चंपारण की बेटी ने बढ़ाया जिले का मान

हरसिद्धि के जागापाकड़ गांव की मेधावी छात्रा की उपलब्धि से परिवार और क्षेत्र में खुशी

गरीब दर्शन/मोतिहारी।

चंपारण की धरती की प्रतिभा ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मेधा का परचम लहराया है। हरसिद्धि प्रखंड के जागापाकड़ गांव की रहने वाली और महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी की मेधावी छात्रा श्रेया ने महज करीब 22 वर्ष की उम्र में लगातार दूसरी बार विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (यूजीसी-नेट) में सफलता हासिल कर जिले और परिवार का नाम रोशन किया है। श्रेया ने मीडिया अध्ययन विषय में यूजीसी-नेट उत्तीर्ण किया है। इसके साथ ही वह पीएचडी के लिए पात्र हो गई हैं।
श्रेया की इस उपलब्धि की खास बात यह है कि उन्होंने लगातार दूसरी बार राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। उन्होंने स्नातकोत्तर के प्रथम वर्ष 2024-25 में पहली बार यूजीसी-नेट उत्तीर्ण किया था। इसके बाद भी उन्होंने अपनी पढ़ाई और तैयारी जारी रखी तथा वर्ष 2025-26 में दूसरी बार परीक्षा में सफलता हासिल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। इतनी कम उम्र में लगातार दो बार यूजीसी-नेट में सफलता हासिल करना उनकी मेहनत, लगन, अनुशासन और निरंतर अध्ययन का परिणाम माना जा रहा है।

पीएचडी के लिए खुला रास्ता

मीडिया अध्ययन में यूजीसी-नेट उत्तीर्ण करने के बाद श्रेया अब शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने की तैयारी कर रही हैं। पीएचडी के लिए पात्रता हासिल करने के साथ ही उनके अकादमिक जीवन में नई संभावनाओं के द्वार खुल गए हैं। मीडिया अध्ययन के क्षेत्र में शोध के माध्यम से वह अपनी शैक्षणिक यात्रा को आगे बढ़ाएंगी।

बेटी की सफलता पर परिवार में खुशी

श्रेया की सफलता की खबर मिलते ही परिवार में खुशी का माहौल कायम हो गया। उनकी माता श्वेता पांडेय और पिता अभिषेक कुमार ने बेटी की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि श्रेया ने अपनी मेहनत और लगन के बल पर परिवार के साथ-साथ पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। श्रेया के बाबाजी एवं पूर्व प्राचार्य कवल किशोर पांडेय भी उनकी सफलता से बेहद प्रसन्न हैं। शिक्षा से जुड़े परिवार में श्रेया की लगातार दूसरी राष्ट्रीय सफलता को विशेष उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

युवाओं के लिए बनीं प्रेरणा

श्रेया की सफलता ने यह साबित किया है कि चंपारण की मिट्टी में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। महात्मा गांधी की कर्मभूमि से निकलकर इस युवा बेटी ने राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में लगातार दूसरी बार सफलता हासिल कर क्षेत्र की नई पीढ़ी के सामने मेहनत, लगन और निरंतर प्रयास की मिसाल पेश की है। परिजनों, शिक्षकों और शुभचिंतकों ने श्रेया को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। अब श्रेया के आगामी शोध और अकादमिक सफर को लेकर क्षेत्र के लोगों में उत्सुकता है।

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