दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण बढ़ा ग्रैप-1 लागू धूल और निर्माण कार्यों पर सख्ती
गरीब दर्शन / नई दिल्ली
दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता बिगड़ने के बीच वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रैप) के पहले चरण को लागू कर दिया है। इसके तहत धूल नियंत्रण, सड़कों की सफाई और निर्माण स्थलों पर नियमों के पालन को लेकर सख्ती बढ़ाई गई है। वायु प्रदूषण पर काबू पाने के लिए संबंधित एजेंसियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
22 अक्टूबर की सुबह दिल्ली का औसत एक्यूआई 226 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में है। जहांगीरपुरी, चांदनी चौक और विवेक विहार जैसे इलाकों में एक्यूआई 300 के पार पहुंचने से प्रदूषण की स्थिति और चिंताजनक बनी हुई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, 20 अक्टूबर को दिल्ली का एक्यूआई 179 था, जो अगले दिन तेजी से बढ़कर दोपहर दो बजे 244 पहुंच गया। ग्रैप-1 के तहत निर्माण और तोड़फोड़ स्थलों पर धूल नियंत्रण के नियमों का सख्ती से पालन कराना, सड़कों की मशीनों से सफाई, पानी का छिड़काव और खुले में कचरा जलाने पर रोक जैसे उपाय किए जा रहे हैं। प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों और औद्योगिक इकाइयों पर भी निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। दिल्ली मेट्रो ने सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए 22 अक्टूबर से कार्यदिवसों में 20 अतिरिक्त फेरे शुरू किए हैं। ग्रैप-1 लागू होने से स्कूलों और कार्यालयों को बंद करने का कोई सामान्य निर्देश नहीं दिया गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में बनी रह सकती है।

