दिल्ली के आली गांव में अवैध निर्माणों पर बड़ी कार्रवाई
गरीब दर्शन / नई दिल्ली :
दक्षिणी-पूर्वी दिल्ली के आली गांव में उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की 8.48 एकड़ जमीन पर बसे करीब 1800 अवैध मकानों और दुकानों पर कार्रवाई शुरू हो गई है। आली चौक से शिव मंदिर तक पुश्ता रोड के दोनों तरफ लगभग 1500 मकान-दुकानें तथा पीर मोहल्ला के करीब 300 मकानों पर कोर्ट द्वारा नियुक्त बैलिफ ने नोटिस चस्पा किए थे। साकेत जिला न्यायालय के 31 जुलाई 2026 के आदेश के तहत कब्जाधारियों को 26 सितंबर तक सामान हटाकर जगह खाली करने की मोहलत दी गई थी।
मोहलत खत्म होने के बाद 27 सितंबर से पुलिस बल की मदद से मकानों को खाली कराने और जमीन को विभाग के कब्जे में लेने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। यह जमीन यमुना किनारे सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण से जुड़ी है, जो दिल्ली के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के पास आई थी। साल 2002 में अदालत ने विभाग के हक में फैसला सुनाया था, लेकिन आबादी वाले इलाकों में कार्रवाई लंबित रही। विभाग के अनुसार, इलाके में सैकड़ों एकड़ भूमि पर अवैध कब्जे हैं, जिनमें से इस हिस्से को प्राथमिकता दी गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे कई पीढ़ियों से यहां रह रहे हैं और उनके पास आधार, वोटर आईडी तथा बिजली-पानी के बिल हैं।
कुछ निवासी विरोध प्रदर्शन भी कर रहे हैं और राहत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाने की बात कर रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई कोर्ट के आदेश के अनुपालन में की जा रही है और पुलिस बल मौजूद रहेगा। इससे पहले भी आली गांव में डीडीए और सिंचाई विभाग द्वारा छोटे पैमाने पर ध्वस्तीकरण और सीलिंग की कार्रवाइयां की जा चुकी हैं। अधिकारियों का दावा है कि अवैध कब्जा हटाने के बाद जमीन को उसके मूल उपयोग के लिए सुरक्षित किया जाएगा। प्रभावित परिवारों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था या मुआवजे को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। मामला लंबे समय से विवादित रहा है और अब बड़े पैमाने पर अमल में लाया जा रहा है। आगे की कार्रवाई अगले कुछ दिनों तक जारी रहने की संभावना है।

