विदेशी नागरिकों की गोपनीय उपस्थिति से ग्रामवासी चिंतित

पूर्वी चंपारण के पलनवा थाना क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियाँ : विदेशी नागरिकों की गोपनीय उपस्थिति से ग्रामवासी चिंतित

फ्रांसीसी नागरिक जो दो माह गाद बहुअरी में रहने के बाद झरोखर थाना क्षेत्र में बॉर्डर पार करने की कोशिश में पकड़ा गया।

 

गाद बहुअरी गांव में विदेशी नागरिकों के संपर्क और ठहराव पर ग्रामीणों ने जताई गहरी आपत्ति

गरीब दर्शन/मोतिहारी।

पूर्वी चंपारण के पलनवा थाना अंतर्गत गाद बहुअरी गांव में विदेशी नागरिकों को शरण देने और संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम देने का गंभीर मामला सामने आया है। गांव के कुछ स्थानीय लोगों ने स्थानीय मनीष चौहान वल्द नगीना चौहान और अमरजीत महतो वल्द हरेन्द्र महतो पर विदेशी नागरिकों को अपने घरों में गैरकानूनी तरीके से ठहराने, तस्वीरें और वीडियो बनवाने और नेपाल बॉर्डर सहित अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में घुमाने के गंभीर आरोप लगाए हैं।स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि इन व्यक्तियों ने पाकिस्तान, चीन और फ्रांस जैसे देशों के संदिग्ध नागरिकों को चंद रुपयों के लालच में न सिर्फ अपने घर पर शरण देते आ रहे हैं, बल्कि अपने इंस्टा, फेसबुक, युटुब पर फॉलोअर बढ़ाने के चक्कर में देश की गोपनीय सूचनाओं को लीक करने जैसी संवेदनशील गतिविधियों को अंजाम देने में भी उनकी सहायता कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, कुछ समय पहले एक अमेरिकी नागरिक तथा दो पाकिस्तानी नागरिक भी लंबे समय तक इन्हीं के घर पर रुके थे। सूत्रों के अनुसार, विगत 11 मई को अमरजीत चौहान के घर दो माह से रह रहे फ्रांसीसी नागरिक को बोर्डर पार करने की कोशिश करते हुए पुलिस ने झरोखर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया था। बताया जाता है कि यह गिरफ्तारी तब हुई जब भारत और पाकिस्तान के बीच ऑपरेशन सिंदूर संचालित था, ओर बोर्डर पर निगरानी बढ़ा दी गई थी, और इसी दौरान ये दोनों आरोपी फ्रांसीसी नागरिक को गाड़ी से गांव से दूर लाकर खुले बोर्डर से पुनः नेपाल भेजने के फिराक में थे। लेकिन पुलिस ने जब उसे देखते ही पकड़ लिया तो ये दोनों अपने को युटुबर बता कर पुलिस को झांसा देकर कर भाग निकले। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि, विदेशी नागरिकों को बिना वैध वीजा घर में रखकर उनके साथ बनाई गई वीडियो और तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर उपलब्ध हैं, जो विदेशी नागरिकों की आवाजाही और गतिविधियों की पुष्टि करते हैं। स्थानीय ग्रामीणों शेख इम्तेयाज, शेख तबरेज, शेख फिरोज, जमील अख्तर, इजहार मियाँ, शेख रसूल एवं अख्तर मियाँ ने पुलिस अधीक्षक, पूर्वी चंपारण को लिखित आवेदन सौंपते हुए मांग की है कि इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर खुले बोर्डर पर अवैध घुसपैठ कराने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने कहा कि यह मामला सिर्फ गांव की नहीं, बल्कि राष्ट्र की सुरक्षा से जुड़ा है। दूरभाष पर ” गरीब दर्शन” प्रतिनिधि को उक्त जानकारी देते हुए ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन को इस मामले को अत्यधिक संवेदनशील मानते हुए सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर देना चाहिए तथा जल्द ही आईबी और अन्य केंद्रीय खुफिया एजेंसियों द्वारा भी पूरे मामले की जांच शुरू की जानी चाहिए।
वहीं उक्त मामले की गंभीरता को देखते हुए, सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-नेपाल खुली सीमा होने के कारण अक्सर विदेशी नागरिकों की आवाजाही पर निगरानी कठिन होती है, लेकिन यदि स्थानीय स्तर पर सहयोग नहीं किया जाए और इस प्रकार के मामले सामने आते रहें, तो यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। यदि प्रशासन तत्पर हो तो यह मामला आने वाले दिनों में पूर्वी चंपारण से लेकर पटना और दिल्ली तक हलचल मचा सकता है। प्रशासन और एजेंसियों के लिए यह एक सतर्कता की घड़ी भी है।

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