सूबे में पीएम मोदी की 53 वीं एवं महात्मा गांधी की कर्मभूमि मोतिहारी की छठी यात्रा से मिलेगी विकास को रफ्तार
– 750 करोड़ की सौगात से जिले की बुनियादी ढांचा को मिलेगी मजबूती तथा हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर होंगे पैदा, चम्पारण वासियों को ऐतिहासिक लम्हें का इंतजार
गरीब दर्शन / मोतिहारी – सत्याग्रह की भूमि पूर्वी चंपारण वासियों का पीएम मोदी की छठी यात्रा का लम्हा ज्यों – ज्यों निकट आ रहा है एनडीए के नेताओं सहित कार्यकर्ताओ का धड़कन बढ़ गया है तथा उनका उत्साह चरम पर है। सभी नेता एवं कार्यकर्त्ता पीएम की सभा को ऐतिहासिक बनाने में दिन- रात एक किए हुए हैं। यह महज़ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि जिलावासियों के लिए गौरव का क्षण है जहां वे अपने आंखों के सामने इतिहास बनते देखेंगे। शुक्रवार को पीएम मोदी मोतिहारी के गांधी मैदान में करीब 750 करोड़ के विकासात्मक योजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण करने वाले हैं। योजनाओं में रेल, सड़क, स्वास्थ्य, पेयजल, परिवहन एवं सार्वजनिक सेवाओं से जुड़ी कई अहम परियोजनाएं शामिल हैं। मोतिहारी के गांधी मैदान को एक भव्य आयोजन के लिए इस तरह से सजाया गया है मानो कोई राष्ट्रीय उत्सव होने वाला हो। विशाल पंडाल, चमचमाती रोशनी, रंग-बिरंगे फूलों और सांस्कृतिक सज्जा के बीच यह मैदान किसी राजकीय समारोह की तरह नजर आ रहा है। हजारों लोगों को बैठने की व्यवस्था, महिलाओं एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग प्रवेश द्वार,मेडिकल स्टोर और हर कोने पर सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। यह आयोजन न केवल आकार में भी विशाल है बल्कि व्यवस्था के लिहाज से भी मिसाल बन गया है। इस कार्यक्रम की खास बात यह मानी जा रही है कि प्रधान मंत्री मंच से सीधे जनता को संबोधित करेंगे। यह संवाद न केवल भावनात्मक जुड़ाव बढ़ाएगा बल्कि स्थानीय जनता की आकांक्षाओं को भी दिशा देगा। प्रधानमंत्री रोड शो के माध्यम से भी चंपारण वीडियो को सौगात देंगे। इसे चंपारणवासी एक विशेष सौभाग्य की तरह देख रहे हैं।जिला प्रशासन ने साफ किया है कि सुरक्षा में कोई ढील नहीं बरती जाएगी और द्रोण से लेकर सीसीटीवी तक हर तरह की निगरानी व्यवस्था सक्रिय रहेगी। अब देखना बाकी है कि प्रधानमंत्री बापू की कर्मभूमि को क्या-क्या देकर जाते हैं। लोगों में चर्चा का बाजार गरम है कि प्रधानमंत्री वर्ष 2014 की चुनावी सभा में मोतिहारी चीनी मिल को चालू कराने की बात की थी। साथ ही अगली बार मोतिहारी चीनी मिल की चीनी से बना चाय का स्वाद लेने की बात भी की थी। किंतु इस घोषणा को अब तक अमली जामा नहीं पहनाया गया है।

