समाजसेवी सह सम्मानित किसान कृष्णंदन तिवारी का सड़क दुर्घटना में निधन
पैक्स अध्यक्ष मंटू तिवारी को पितृ शोक, क्षेत्र में शोक की लहर
गरीब दर्शन / हरसिद्धि –
हरसिद्धि प्रखंड अंतर्गत भादा पंचायत के भादा तिवारी टोला निवासी 70 वर्षीय समाजसेवी सह सम्मानित किसान कृष्णंदन तिवारी का विगत गुरुवार को एक सड़क दुर्घटना में आकस्मिक निधन हो गया। उनके असामयिक निधन की खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ पड़ी। गांव और आसपास के क्षेत्रों में मातमी सन्नाटा पसर गया तथा लोगों ने इसे अपूर्णीय क्षति बताया। स्वर्गीय कृष्णंदन तिवारी अपने मृदुभाषी, मिलनसार एवं सरल स्वभाव के लिए जाने जाते थे। वे सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे और जरूरतमंदों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहते थे। समाज में उनकी छवि एक सज्जन, ईमानदार और कर्मठ व्यक्ति की थी। कृषि क्षेत्र में भी उन्होंने उल्लेखनीय योगदान दिया। एक प्रगतिशील किसान के रूप में वे नई तकनीकों को अपनाने और अन्य किसानों को प्रेरित करने के लिए जाने जाते थे। वे भादा पंचायत के पैक्स अध्यक्ष मंटू तिवारी के पिता थे। पिता के निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने बताया कि स्वर्गीय तिवारी का व्यवहार इतना सौम्य था कि वे हर वर्ग और आयु के लोगों के बीच लोकप्रिय थे। किसी भी सामाजिक या पारिवारिक कार्यक्रम में उनकी सक्रिय भागीदारी रहती थी। शुक्रवार की सुबह उनके पुत्र मंटू तिवारी ने नम आंखों से मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार किया। अंतिम यात्रा में सैकड़ों की संख्या में समाजसेवी, जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय ग्रामीण शामिल हुए। सभी ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धासुमन अर्पित किए। अंतिम यात्रा के दौरान वातावरण गमगीन रहा और हर किसी की आंखें नम दिखीं।
इस दुखद अवसर पर विधायक कृष्णंदन पासवान, पंचायत समिति सदस्य महातम सिंह, समाजसेवी विशंभर तिवारी, सतीश चंद्र राय, मुखिया अजय सहनी सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोगों ने शोक संतप्त परिवार से मिलकर गहरी संवेदना व्यक्त की। सभी ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं परिवार को इस कठिन समय में धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की। कृष्णंदन तिवारी के निधन से भादा पंचायत सहित पूरे क्षेत्र ने एक सम्मानित समाजसेवी और प्रेरणादायी किसान को खो दिया है। उनका जीवन समाज सेवा, सादगी और परिश्रम की मिसाल रहा। उनकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी और समाज में उनके योगदान को सदैव याद रखा जाएगा।



