ऑपरेशन मुस्कान से खिले 245 चेहरों पर मुस्कान, 61 लाख के मोबाइल लौटाए
मोतिहारी पुलिस की बड़ी कामयाबी, 22 चरणों में अब तक 2303 मोबाइल बरामद
सीईआईआर पोर्टल की मदद से भी मिली सफलता
गरीब दर्शन / मोतिहारी :
मोबाइल चोरी या गुम होने के बाद उसकी वापसी की उम्मीद छोड़ चुके 245 लोगों के चेहरे शुक्रवार को उस समय खिल उठे, जब पुलिस ने उनके हाथों में उनके खोए हुए मोबाइल सौंपे। पूर्वी चंपारण पुलिस ने ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत करीब 61 लाख रुपये मूल्य के 245 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को वापस कर दिए। पुलिस की इस कार्रवाई से लोगों को बड़ी राहत मिली है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चोरी और गुम हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए विशेष टीम का गठन किया गया था। टीम ने तकनीकी और वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर अलग-अलग स्थानों से मोबाइल फोन का पता लगाया। पुलिस के मुताबिक, बरामद मोबाइल की कुल कीमत करीब 61 लाख रुपये है। इनमें विद्यार्थियों के 38, गृहिणियों के सात, किसानों के 11, सरकारी कर्मचारियों के 31, निजी नौकरी करने वालों के 25 और व्यवसाय से जुड़े लोगों के 24 मोबाइल शामिल हैं। इसके अलावा अधिवक्ता, चालक, मजदूर, ठेकेदार, पूर्व सैनिक सहित अन्य वर्गों के लोगों के मोबाइल भी बरामद किए गए।
सीईआईआर पोर्टल ने भी निभाई अहम भूमिका
मोबाइल बरामदगी की इस कार्रवाई में तकनीक पुलिस के लिए कारगर साबित हुई। इस बार बरामद 245 मोबाइल में से 82 मोबाइल पुलिस की विशेष टीम ने ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत खोजे, जबकि 163 मोबाइल केंद्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर (सीईआईआर) पोर्टल के माध्यम से बरामद किए गए। मोबाइल मिलने के बाद पुलिस ने उनके वास्तविक मालिकों का सत्यापन कर फोन सौंपे।
22 चरणों में 2303 मोबाइल बरामद
मोतिहारी पुलिस के अनुसार, ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत अब तक 22 चरणों में कुल 2303 मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं। इनकी अनुमानित कीमत चार करोड़ 67 लाख 86 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस का कहना है कि गुम और चोरी हुए मोबाइल की बरामदगी का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
मोबाइल गुम होने पर तत्काल करें शिकायत
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि मोबाइल चोरी या गुम होने पर बिना देर किए पुलिस को सूचना दें। इसके लिए पुलिस कंट्रोल रूम के नंबर 9470248818 पर संपर्क किया जा सकता है। साथ ही www.ceir.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। पुलिस का मानना है कि समय पर शिकायत और मोबाइल का आईएमईआई नंबर उपलब्ध होने से बरामदगी की संभावना बढ़ जाती है।

