नीला ड्रम हत्याकांड में मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा
पति की हत्या कर शव के टुकड़े ड्रम में छिपाने के मामले में अदालत का फैसला, बच्चों के परवरिश की अपील भी नहीं आई काम
गरीब दर्शन / नई दिल्ली
उत्तर प्रदेश के मेरठ के चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में जिला अदालत ने बुधवार को दोषी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को मौत की सजा सुनाई। जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने दोनों को हत्या, साक्ष्य मिटाने और आपराधिक साजिश का दोषी मानते हुए फांसी की सजा दी। अदालत ने मामले को दुर्लभतम श्रेणी का अपराध माना। दोनों दोषियों पर अलग-अलग जुर्माना भी लगाया गया है। सजा सुनाए जाने के दौरान दोनों आरोपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश हुए। अदालत ने सजा सुनाने से पहले दोनों से उनकी बात रखने का अवसर दिया। साहिल ने कुछ नहीं कहा, जबकि मुस्कान ने भावुक होकर अपने दो बच्चों का हवाला देते हुए उनके भविष्य का ध्यान रखने की अपील की। बचाव पक्ष ने भी बच्चों की परवरिश और भविष्य को देखते हुए सजा में नरमी बरतने का अनुरोध किया, लेकिन अदालत ने इसे स्वीकार नहीं किया।
यह मामला मार्च 2025 में सामने आया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, मुस्कान और साहिल ने मर्चेंट नेवी अधिकारी सौरभ राजपूत की हत्या कर दी थी। सौरभ, मुस्कान के पति थे। हत्या के बाद शव के टुकड़े कर उन्हें नीले ड्रम में छिपाया गया था। ड्रम में सीमेंट भरकर शव को छिपाने की कोशिश की गई थी। घटना सामने आने के बाद पूरे देश में सनसनी फैल गई थी। अदालत ने 30 सितंबर को दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया था। इसके बाद बुधवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए दोनों को मृत्युदंड सुनाया गया। अभियोजन पक्ष ने अपराध की गंभीरता और परिस्थितियों को देखते हुए कठोरतम सजा की मांग की थी। फैसले के बाद सौरभ की मां रेनू देवी ने संतोष जताया। अदालत परिसर में फैसले को लेकर लोगों ने न्याय की जीत के नारे भी लगाए। हालांकि, मृत्युदंड के फैसले के बाद दोषियों के पास उच्च न्यायालय में अपील करने का कानूनी विकल्प मौजूद है। अंतिम रूप से सजा की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी।

