कार्यपालक अभियंता के चार ठिकानों पर छापा पत्नी के नाम दार्जिलिंग में करोड़ों की जमीन

कार्यपालक अभियंता के चार ठिकानों पर छापा पत्नी के नाम दार्जिलिंग में करोड़ों की जमीन

 आय से अधिक संपत्ति मामले में निगरानी की कार्रवाई, पटना-कटिहार से पांच लाख नकद और 250 ग्राम आभूषण बरामद 

गरीब दर्शन/पटना।

 ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता चंद्रशेखर सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की। ब्यूरो की टीमों ने छपरा, पटना और कटिहार के अलावा पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग स्थित चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान पटना और कटिहार से पांच लाख रुपये नकद तथा करीब 250 ग्राम सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए। जांच में अभियंता की पत्नी के नाम पर दार्जिलिंग में राष्ट्रीय राजमार्ग के पास जमीन होने की जानकारी भी सामने आई है। निगरानी की टीम ने पटना स्थित ठिकाने से तीन लाख रुपये और कटिहार से दो लाख रुपये नकद बरामद किए। इसके अतिरिक्त करीब 250 ग्राम सोने-चांदी के आभूषण जब्त किए गए हैं। जांच एजेंसी अब बरामद नकदी, आभूषण और अन्य संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है। इसका उद्देश्य अभियंता की ज्ञात आय और अर्जित संपत्ति के बीच अंतर का पता लगाना है।

 पत्नी के नाम पर 31 कट्ठा जमीन 

जांच के दौरान पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले के फांसीदेवा थाना क्षेत्र में अभियंता की पत्नी के नाम पर 31 कट्ठा जमीन होने की जानकारी मिली है। इसका रकबा करीब 92 डिसमिल बताया गया है। जमीन राष्ट्रीय राजमार्ग के निकट स्थित है और इसे वर्ष 2021 में खरीदे जाने की बात सामने आई है। इसकी मौजूदा बाजार कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है। हालांकि, जमीन के वास्तविक मूल्य और खरीद में खर्च की गई राशि का आधिकारिक सत्यापन किया जाना बाकी है। निगरानी ब्यूरो जमीन के दस्तावेजों और खरीद में इस्तेमाल की गई रकम के स्रोत की जांच कर रहा है।

 *1.10 करोड़ की अवैध संपत्ति का आरोप* 

चंद्रशेखर सिंह छपरा में गुणवत्ता परीक्षण से संबंधित कार्यपालक अभियंता के पद पर तैनात हैं। उनके खिलाफ करीब 1.10 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। इस मामले में निगरानी थाना कांड संख्या 121/2026 के तहत 13 अक्टूबर 2026 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद निगरानी ब्यूरो ने जांच आगे बढ़ाते हुए चार ठिकानों पर तलाशी की कार्रवाई की।

 *आय और संपत्ति का होगा मिलान* 

छापेमारी के बाद अब जांच एजेंसी बरामद नकदी, आभूषण और जमीन से संबंधित दस्तावेजों का मिलान अभियंता की घोषित आय से करेगी। बैंक खातों, जमीन की खरीद और अन्य वित्तीय लेनदेन की जांच से संपत्ति के स्रोत का पता लगाने में मदद मिलेगी। पत्नी के नाम पर खरीदी गई जमीन के मामले में भी यह जांच की जाएगी कि भुगतान किस माध्यम से किया गया और रकम कहां से आई। फिलहाल, मामला जांच के अधीन है। जमीन की कीमत और अन्य संपत्तियों का सत्यापन होने के बाद ही आय से अधिक संपत्ति के आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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