15 जुलाई को पटना आएंगे राहुल गांधी मुसल्लहपुर हाट में पदयात्रा कर छात्रों से करेंगे संवाद
गरीब दर्शन / पटना।
बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच कांग्रेस ने संगठन को मजबूत करने और युवाओं के बीच अपनी पकड़ बढ़ाने की रणनीति तेज कर दी है। इसी कड़ी में कांग्रेस नेता राहुल गांधी 15 जुलाई को पटना दौरे पर आएंगे। इस दौरान वे राजधानी के प्रमुख शैक्षणिक केंद्र मुसल्लहपुर हाट में पदयात्रा करेंगे तथा ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के तहत छात्रों से सीधा संवाद करेंगे।
इस संबंध में जानकारी बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश राम ने सदाकत आश्रम में आयोजित संगठनात्मक समीक्षा बैठक के बाद दी। बैठक की अध्यक्षता राजेश राम ने की, जबकि बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरु भी मौजूद रहे। बैठक में राज्य के सभी 53 संगठनात्मक जिलाध्यक्षों ने भाग लिया।
राजेश राम ने बताया कि राहुल गांधी छात्र सम्मेलन को संबोधित करेंगे और शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं, बेरोजगारी तथा युवाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखेंगे। साथ ही छात्रों की समस्याओं को सुनकर उनके समाधान के लिए पार्टी की प्रतिबद्धता भी दोहराएंगे।
राहुल गांधी के दौरे को लेकर कांग्रेस ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। पार्टी कार्यकर्ता छात्र संगठनों, युवाओं और स्थानीय लोगों से संपर्क कर अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने में जुटे हैं। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र और युवा शामिल होंगे।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राहुल गांधी का यह दौरा केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं और छात्र समुदाय के बीच कांग्रेस की सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराने की रणनीति का हिस्सा है। हाल के दिनों में पेपर लीक, सरकारी नौकरियों में भर्ती में देरी, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दों को लेकर कांग्रेस लगातार सरकार पर सवाल उठाती रही है। ऐसे में पटना का यह कार्यक्रम युवाओं को केंद्र में रखकर तैयार की गई राजनीतिक रणनीति माना जा रहा है।
बैठक में संगठनात्मक मजबूती को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की ओर से वर्धा से आने वाली विशेषज्ञों की टीम 22 से 31 जुलाई तक बिहार के सभी 53 संगठनात्मक जिलाध्यक्षों को दस दिवसीय प्रशिक्षण देगी। इसके अलावा आगामी 15 दिनों तक चलने वाले आंदोलनात्मक कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तैयार की गई है, ताकि संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत किया जा सके।

