अंतर्राज्यीय रंगदारी गिरोह का दिल्ली पुलिस ने किया उद्भेदन पांच गिरफ्तार बिल्डर व होटल कारोबारी की संलिप्तता उजागर
*कोलकाता से हुई गिरोह के सदस्यों की गिरफ्तारी*
*एक अत्याधुनिक पिस्तौल, दो जिंदा कारतूस, तीन खोखे तथा चोरी की एक मोटरसाइकिल बरामद*
मामला के उद्भेदन में दिल्ली पुलिस की कई टीमें थी शामिल
राजीव रंजन मिश्रा (राज्य प्रमुख ) गरीब दर्शन / नई दिल्ली –
पहाड़गंज में बिल्डर से 30 लाख रुपये की रंगदारी मांगने और फायरिंग करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का दिल्ली पुलिस की सेंट्रल जिला टीम ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद मुख्य शूटर समेत अब तक पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, इस साजिश में स्थानीय बिल्डर और होटल कारोबारी भी शामिल थे, जिन्होंने गिरोह के सदस्यों को ठहराने, बैठक कराने और पीड़ित परिवार की जानकारी उपलब्ध कराने में मदद की।
पुलिस के मुताबिक 29 जून को आर्य नगर, पहाड़गंज स्थित एक बिल्डर के कार्यालय में हथियारबंद बदमाश पहुंचा और 30 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। तत्काल पांच लाख रुपये देने का दबाव बनाया गया। विरोध करने पर आरोपियों ने जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी और फरार हो गया। मामले में नबी करीम थाने में प्राथमिकी दर्ज कर विशेष जांच शुरू की गई। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, होटल रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने पहले विशाल भाटी उर्फ भांजा को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पूरे षड्यंत्र का खुलासा हुआ। इसके बाद मुख्य साजिशकर्ता शक्ति सिंह को कोलकाता से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया गया। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी पवन कुमार उर्फ पवन पहलवान लगातार फरार चल रहा था और सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ वीडियो पोस्ट कर पुलिस को चुनौती दे रहा था। सूचना मिलने पर आईपी एस्टेट क्षेत्र में पुलिस ने घेराबंदी की। खुद को घिरा देख आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कारवाई में उसके दोनों पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच में सामने आया कि पवन पहलवान पहाड़गंज क्षेत्र में दहशत फैलाकर रंगदारी का नेटवर्क खड़ा करना चाहता था। वहीं स्थानीय बिल्डर एवं होटल कारोबारी पवन कुमार उर्फ पवन चेतली अपने व्यावसायिक प्रतिद्वंद्वी को डराकर संपत्ति विवाद और कारोबारी प्रतिस्पर्धा में बढ़त हासिल करना चाहता था। उसका सहयोगी राजेश सचदेवा उर्फ सोनू मोटा भी पूरे षड्यंत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में पवन पहलवान, शक्ति सिंह, विशाल भाटी, पवन चेतली और राजेश सचदेवा शामिल हैं। इनमें शक्ति सिंह के खिलाफ 13, पवन चेतली के खिलाफ तीन तथा राजेश सचदेवा के खिलाफ दो आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। गिरफ्तार मुख्य आरोपित के पास से एक अत्याधुनिक पिस्तौल, दो जिंदा कारतूस, तीन खोखे तथा चोरी की एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। पुलिस मूल वारदात में प्रयुक्त हथियार, वित्तीय लेन-देन और गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि समयबद्ध और तकनीकी जांच के दम पर इस हाई-प्रोफाइल रंगदारी एवं फायरिंग कांड का खुलासा कर अंतरराज्यीय आपराधिक नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।
इन पुलिस अधिकारियों ने सुलझाया मामला
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी पहाड़गंज सौरभ ए. नरेंद्र (आईपीएस) के नेतृत्व में थाना नबी करीम और स्पेशल स्टाफ, सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की कई टीमें गठित की गईं। टीम में एसएचओ इंस्पेक्टर गुलशन नागपाल, इंस्पेक्टर मुर्तजा खान, इंस्पेक्टर संदीप यादव, एसआई शक्ति सिंह, एसआई हर्ष कुमार, एसआई अरविंद, एसआई विजय, एसआई नरेश, एसआई ओमबीर सिंह, एसएन ओझा (आईसी पीपी संगतराशन), एएसआई प्रताप, एएसआई महिपाल, हेड कांस्टेबल हीरा लाल, सीताराम, मोहित यादव, विकास, राजबीर, नरेंद्र पुनिया, निरंजन तथा कांस्टेबल तरुण, जितेंद्र, लोकेश, सुमित और दिलराज शामिल थे। तकनीकी सहायता एसआई कमलेश (साइबर सेल) और हेड कांस्टेबल मोहित यादव ने प्रदान की।


