एक अक्टूबर से बिना पीयूसी नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल एनसीआर के आठ जिलों में लागू होगा नियम
गौतम बुद्ध नगर, गाजियाबाद समेत मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर, बागपत और शामली में लागू होगा प्रावधान
गरीब दर्शन/नोएडा।
वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए उत्तर प्रदेश के एनसीआर क्षेत्र में 1 अक्टूबर 2026 से नया नियम लागू होने जा रहा है। गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद समेत एनसीआर के आठ जिलों में वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (पीयूसी) के बिना वाहनों को पेट्रोल, डीजल और सीएनजी नहीं दी जाएगी। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के निर्देश के तहत जिला प्रशासन ने पेट्रोल पंप संचालकों को वाहनों का पीयूसी प्रमाण पत्र जांचने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए परिवहन विभाग के पोर्टल या संबंधित ऐप से पीयूसी की वैधता की जांच की जाएगी। कई पेट्रोल पंपों पर स्वचालित नंबर प्लेट पहचान प्रणाली (एएनपीआर) कैमरों के माध्यम से वाहनों की नंबर प्लेट स्कैन कर पीयूसी की स्थिति जांचने की व्यवस्था भी की जाएगी। जहां कैमरे उपलब्ध नहीं होंगे, वहां पेट्रोल पंप कर्मी वाहन का पंजीकरण नंबर दर्ज कर अथवा प्रमाण पत्र देखकर जांच करेंगे। वैध पीयूसी नहीं होने पर वाहन को ईंधन देने से इनकार किया जाएगा। यह व्यवस्था गौतम बुद्ध नगर, गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, बागपत और शामली में लागू होगी। प्रशासन ने वाहन मालिकों से 1 अक्टूबर से पहले अपने वाहनों का पीयूसी प्रमाण पत्र बनवाने या नवीनीकृत कराने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण और एनसीआर में वायु गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। अधिकृत प्रदूषण जांच केंद्रों पर वाहनों की जांच कराकर पीयूसी प्रमाण पत्र प्राप्त किया जा सकता है।

