सूबे में एक नवंबर से धान खरीददारी पर लगा विराम विभागीय मनमानी सरकार के सख्त रवैये एवं ब्याज के बोझ से दबे पैक्स नहीं करेंगे धान की खरीददारी
— सूबे के सभी जिलों के डीएम व डीसीओ को पैक्सों ने सौंपा नौ सूत्री मांग पत्र किसानों में मचा हड़कंप
गरीब दर्शन/पटना
सरकार एवं विभाग के मनमाने पूर्ण रवैये से आजिज तथा ब्याज के बोझ से दबे सूबे के 8463 पैक्स ने जिले के सभी डीएम एवं डीसीओ को नौ सूत्री मांग पत्र सौंपकर धान खरीद का पूर्ण बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। पैक्स के इस निर्णय से सूबे के किसानों में हड़कंप मच गया है। बिहार राज्य खाद्य निगम को चावल की आपूर्ति करने के बावजूद भुगतान लंबित रहने से सूबे की सहकारी समितियां आर्थिक संकट से जूझ रही है। करोड़ों की राशि बकाया रहने से पैक्सों पर बैंक ऋण के ब्याज का बोझ अनवरत बढ़ रहा है। इससे नाराज पैक्स एवं व्यापार मंडल सरकार की बहु प्रतीक्षित धान खरीददारी योजना पर एक नवंबर से विराम लगाने का निर्णय लिया है। ऐसे में सूबे में धान अधिप्राप्ति को लेकर पैक्स अध्यक्षों और प्रशासन के बीच गहरा संकट उत्पन्न हो गया है जिससे किसानों की मुश्किलें बढ़ गई है।
स्थिति की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पूर्वी चंपारण में आज रविवार को महज एक दर्जन से अधिक पैक्स ने धान खरीदारी की खाना पूर्ति की है। इस कड़ी में रविवार को पताही प्रखंड के परसौनी कपूर पैक्स कार्यालय में वीरमोहन कुमार की अध्यक्षता में पैक्स अध्यक्षों की बैठक हुई जहां सर्वसमिति से 09 सूत्री मांग संबंधित ज्ञापन प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी को दिया गया। पैक्स अध्यक्षों का कहना है कि धान खरीद और चावल जमा करने की प्रक्रिया में उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है, जिससे कई पैक्स डिफाल्टर हो गए हैं या उनकी स्थिति खराब हो गई है। पिछले सप्ताह में चावल जमा करने के महीना बाद भी भुगतान नहीं होने से पैक्स के पास नगदी की भारी कमी हो गई है। एफआरके की समय पर आपूर्ति न होने और चावल के प्रतिशत से जुड़े नियमों को लेकर भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। पैक्स ने अतिरिक्त ब्याज की शत प्रतिशत भरपाई, पैक्स सहकारी बैंक एवं एसएफसी के बीच त्रिपक्षीय समझौता पूर्ववत लागू करने, मिल् टैगिंग में पैक्स का लिखित मंतव्य लेने एडवांस सीएमआर एवं समय पर धान उठाव सुनिश्चित करने की मांग की है। बैठक में विनय कुमार पांडेय,सुरेश प्रसाद यादव, कमलेश कुमार सिंह, अरविंद सिंह,आलोक कुमार, रूपक कुमार, मनोज सिंह,ज्ञानदीप रंजन, पवन कुमार, आलोक कुमार सिंह, नूनफरवा प्रतिनिधि गौरी शंकर सिंह “गांधी जी”सहित कई पैक्स अध्यक्ष शामिल थे !

