रामलीला मैदान से विपक्ष की हुंकार राहुल-तेजस्वी ने चुनाव आयोग को घेरा

रामलीला मैदान से विपक्ष की हुंकार राहुल-तेजस्वी ने चुनाव आयोग को घेरा

वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली में 20 विपक्षी दलों की भागीदारी, एसआईआर और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्र पर निशाना

गरीब दर्शन / नई दिल्ली।

दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को इंडिया गठबंधन की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली में विपक्षी दलों ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्र सरकार तथा चुनाव आयोग के खिलाफ आवाज बुलंद की। करीब चार घंटे चली इस रैली में 20 विपक्षी दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, फारूक अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती सहित कई नेताओं ने सभा को संबोधित किया। रैली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग प्रमुखता से उठी। राहुल गांधी ने अपने संबोधन में चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने तथा ईवीएम के जरिए वोटों की चोरी की गई। उन्होंने दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाएगा और उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। राहुल ने कहा कि किसानों को उनका हक, युवाओं को रोजगार और मजदूरों को अधिकार नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने देश की संपत्ति कुछ चुनिंदा लोगों के हाथों में सिमटने का भी आरोप लगाया। राजद के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने अपने भाषण में एसआईआर की शुरुआत बिहार से होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान में वोट चोरों के खिलाफ महाभारत का आयोजन हुआ है। तेजस्वी ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर तीखा हमला करते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई और जेल भेजने की मांग की। उन्होंने भाजपा और आरएसएस पर भी निशाना साधा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए। वहीं अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा जनता के बीच चुनाव जीतने का भरोसा खो रही है और इसलिए चुनाव आयोग के माध्यम से राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है। ममता बनर्जी ने भाजपा पर पुलिस और सरकारी एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। रैली में बिहार के नेताओं और कार्यकर्ताओं की भी भागीदारी रही। बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम और सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह सहित कई नेता दिल्ली पहुंचे। हालांकि, विकासशील इंसान पार्टी के प्रमुख मुकेश सहनी को औपचारिक निमंत्रण नहीं मिलने का मुद्दा भी चर्चा में रहा। सहनी ने कहा कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ता रैली में शामिल हैं, लेकिन वे केवल मंच पर बैठने के लिए राजनीति नहीं करते।रैली के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पुलिस ने करीब चार हजार जवानों की तैनाती और 200 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की व्यवस्था की थी। विपक्षी नेताओं ने एसआईआर पर पुनर्विचार, मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों की जांच और चुनाव आयोग की जवाबदेही तय करने की मांग दोहराई।

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