ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी (ठगी ) मामला में 35 दिन बाद साइबर थाना मोतिहारी में दर्ज हुआ प्राथमिकी
–पीड़ित दैनिक समाचार पत्र “गरीब दर्शन” के प्रधान संपादक द्वारा पताही एवं साइबर थाना मोतिहारी के अधिकारियों पर प्राथमिकी ‘ यहां होगा, वहां होगा’ टालमटोल करके न्याय का गला घोंटने का लगाया आरोप
— सीआरपीसी की धारा 154 का घोर उल्लंघन
गरीब दर्शन / मोतिहारी –
जिले के पताही थाना क्षेत्र के एसबीआई की शाखा से बीते 16 एवं 17 नवम्बर 2025 को विभिन्न यू टी आर नम्बर के माध्यम से हिन्दी दैनिक समाचार पत्र “गरीब दर्शन”के प्रधान संपादक के खाता से 1500 व 25000 रुपया की ऑनलाइन अवैध रूप से धोखाधड़ी करके निकासी किए जाने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। हद तो यह है कि प्रधान संपादक द्वारा प्राथमिकी दर्ज करने हेतु दिये गए आवेदन में पुलिस को यह भी जानकारी दिया गया कि उनके खाता की राशि ऑनलाइन बैंक ऑफ़ बड़ौदा के हिलसा (नालंदा) शाखा के खाताधारक लव कुमार के खाता में स्थानांतरित किया गया है, फिर भी प्रधान संपादक प्राथमिकी के लिए पताही थाना से लेकर साइबर थाना मोतिहारी तक का गणेश परिक्रमा करते रहे। पुलिस के टालमटोल से थक – हारकर जब उन्होंने मोतिहारी के साइबर डीएसपी से गुहार लगाई तब जाकर प्राथमिकी दर्ज किया गया है तथा डीएसपी साइबर अभिनव पराशर ने दर्ज कांड का उद्भेदन अवर निरीक्षक प्रियंका कुमारी करेंगी। पुलिस की इस कार्यसंस्कृति से सुशासन का दंभ भरने वाली सरकार की कलई परत- दर- परत खुलती जा रही है। बताते चलें कि जब पुलिस के अधिकारी लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ(पत्रकार)की अनदेखी कर सकते है तो आमलोगों के साथ पुलिस का व्यवहार क्या होता होगा, कल्पना की जा सकती है। पुलिस की इस टालमटोल की नीति से सीआरपीसी की धारा 154 का घोर उल्लंघन हो रहा है। गौरतलब हो कि समाचार पत्र के प्रधान संपादक अपनी मां की बरसी के लिए अपने स्थायी पत्ता पताही थाना क्षेत्र के रुपनी गांव में थे जहां ऑनलाइन धोखाधड़ी करके अवैध रूप से विभिन्न तिथियों को कुल 26500/- की निकासी कर ली गई है। अब देखना बाकी है कि उक्त मामला का उद्भेदन पुलिस कर भी पाती है या नहीं, यह समय के गर्भ में है।

