—आस्था/भक्ति
सहदेई में 17 वर्षीया निशा सीने पर कलश रखकर कर रही मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की उपासना
–35 किलोग्राम की ढाई इंच की कीलों की पट्टी पर लेटकर कर रही कठिन साधना।
–ग्रामिण बता रहे माता का चमत्कार।
राहुल गुप्ता/सिंगेश्वर प्रसाद
गरीब दर्शन/हाजीपुर/सहदेई बुजुर्ग
शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा की आराधना और भक्ति के अनेक रूप देखने को मिल रहे हैं। कहीं श्रद्धालु उपवास रखकर मां की पूजा-अर्चना कर रहे हैं तो कहीं भक्त अपनी मनोकामना की पूर्ति के लिए कठिन साधना में लीन हैं। इसी बीच सहदेई बुजुर्ग प्रखंड क्षेत्र के बाजितपुर वार्ड संख्या छह निवासी प्रकाश मल्लिक के 17 वर्षीय पुत्री निशा कुमारी, कलश स्थापना के दिन से सीने पर कलश रख नौवीं तिथि तक करेगी साधना। किशोरी 35 किलो की ढाई इंच की कीलों वाली पट्टी पर लेटकर कर मां की कठिन साधना कर रही है। किशोरी का कहना है कि उसके सपने में मां काली आई थी और साधना करने के लिए बोली है। उसने बताया कि सभी को लगता है कि वह 35 किलो की ढाई इंच की कीलों वाली पट्टी पर लेटी हुई, लेकिन पूछने पर वह फूलों पर सोने की बात बता रही हैं, इसकी चर्चा चारों तरफ हो रही है, किशोरी की भक्ती और कठीन साधना को देखने के लिए दूर दराज से लोग पहुंच रहे हैं और माता का चमत्कार बता कर उसकी पूजा अर्चना भी कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि किशोरी बिल्कुल ठीक है और सभी से बात भी कर रही है। किशोरी नवरात्र की शुरुआत के साथ ही यह कठिन साधना शुरू की है और नौवीं तिथि तक कलश रखकर साधना जारी रखने का संकल्प लिया है। नवरात्र के दौरान गांव में भक्तिमय माहौल है। सुबह और शाम मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की जा रही है। श्रद्धालु मां के दर्शन कर रहे हैं और परिवार की सुख-समृद्धि, शांति तथा खुशहाली की कामना कर रहे हैं। किशोरी की कठिन साधना को लेकर स्थानीय लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
–सीने पर कलश रखकर कर रही आराधना
नवरात्र में कलश स्थापना का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। श्रद्धालु घरों और पूजा पंडालों में विधि-विधान से कलश स्थापित कर मां दुर्गा की आराधना करते हैं। वहीं बाजितपुर की किशोरी निशा कुमारी कने सीने पर कलश रखकर साधना करने का संकल्प लिया है। इसके साथ ही वह ढाई इंच की कीलों वाली करीब 35 किलोग्राम वजन की पट्टी पर लेटकर मां की आराधना कर रही है। उसकी यह साधना लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। स्थानीय स्तर पर इस साधना को लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे युवती की धार्मिक आस्था और संकल्प का प्रतीक मान रहे हैं, तो कुछ लोग इतनी कठिन साधना के दौरान उसकी सेहत को लेकर चिंतित हैं। हालांकि, युवती की साधना से जुड़ी पूरी जानकारी, उसकी उम्र और इस अनुष्ठान के पीछे की मनोकामना की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
–मेले की चल रही है तैयारियां
35 किलो की ढाई इंच की कीलों वाली पट्टी पर लेटकर और सिने पर कलश रख कर किशोरी के द्वारा किए जा रही कठीन साधना की चर्चा जोड़ों पर है। यहां पर नवरात्रि पर मेला लगाने की तैयारियां चल रही है। ग्रामीणों ने बताया कि यह साधना माता का चमत्कार हैं, यहां मेला लगाया जा रहा है। प्रत्येक दिन सैकड़ों से अधिक लोग किशोरी के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं और पूजा अर्चना कर रहे हैं।

