एशियाई खेलों के पदकवीरों से मिले प्रधानमंत्री मोदी खिलाड़ियों का बढ़ाया हौसला

एशियाई खेलों के पदकवीरों से मिले प्रधानमंत्री मोदी खिलाड़ियों का बढ़ाया हौसला

85 पदकों के साथ भारत ने हासिल किया चौथा स्थान खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर जताया गर्व

गरीब दर्शन / नई दिल्ली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम में एशियाई खेलों में भारतीय दल के प्रदर्शन की सराहना करते हुए खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की मेहनत, समर्पण और खेल भावना से देश का मान बढ़ा है। खिलाड़ियों की उपलब्धियां भारत की बढ़ती खेल क्षमता और नए आत्मविश्वास का प्रतीक हैं।
कार्यक्रम में एथलीटों के साथ उनके प्रशिक्षक, सहयोगी कर्मचारी, भारतीय ओलंपिक संघ और खेल मंत्रालय के अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान खिलाड़ियों ने प्रतियोगिताओं से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। प्रधानमंत्री से मुलाकात उनके लिए अपनी उपलब्धियों और चुनौतियों को साझा करने का अवसर बनी। जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियाई खेलों में भारत ने 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदकों सहित कुल 85 पदक जीते। इस प्रदर्शन के साथ भारतीय दल पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा। यह एशियाई खेलों में भारत का दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा, जिसने देश में खेलों के प्रति बढ़ती रुचि और खिलाड़ियों की मेहनत को रेखांकित किया। इन खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने कई उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं। पुरुष और महिला हॉकी टीमों ने एक ही आयोजन में स्वर्ण पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया। रिकर्व तीरंदाजी में मिली ऐतिहासिक सफलता के साथ सॉफ्ट टेनिस और मिश्रित मार्शल आर्ट्स में भी भारत ने पहली बार पदक हासिल किए। महिला ट्रैप स्पर्धा में मिला पहला स्वर्ण पदक भी भारतीय दल की उपलब्धियों में खास रहा। प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए उनके प्रयासों को देश के लिए प्रेरणादायक बताया। उन्होंने खिलाड़ियों की सफलता को राष्ट्रीय गौरव से जोड़ते हुए उनके योगदान का सम्मान किया। कार्यक्रम के दौरान हॉकी और क्रिकेट टीमों ने प्रधानमंत्री को हस्ताक्षरित जर्सी और हॉकी स्टिक भेंट की। यह आयोजन केवल पदक विजेताओं के सम्मान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देने का अवसर भी बना। भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्धियों ने एक बार फिर यह भरोसा मजबूत किया कि निरंतर अभ्यास, अनुशासन और बेहतर प्रशिक्षण के बल पर देश अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर नई ऊंचाइयां हासिल कर सकता है।

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