बिहार विधान परिषद चुनाव आठ सीटों पर बदला सियासी समीकरण
राजद-भाजपा-जदयू को सफलता, जन सुराज ने खोला खाता
पटना शिक्षक सीट पर 1,057 मतों से जीते डॉ. संजीव कुमार, दरभंगा में 324 मतों से सुरेश प्रसाद राय ने दर्ज की जीत
गरीब दर्शन/पटना
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के चुनाव परिणामों ने राजनीतिक दलों के सामने नए समीकरण पेश किए हैं। चार शिक्षक और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए हुए चुनाव में भाजपा, राजद, जदयू, जन सुराज और निर्दलीय प्रत्याशियों ने अपनी ताकत दिखाई। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के परिणामों में बड़ा उलटफेर देखने को मिला। पटना में राजद ने भाजपा का लंबे समय से चला आ रहा वर्चस्व तोड़ा, वहीं दरभंगा शिक्षक सीट पर जन सुराज ने जीत दर्ज कर विधान परिषद में अपना खाता खोला। चुनाव में कुल 150 प्रत्याशी मैदान में थे। मतदान 23 अक्टूबर को हुआ था और मतगणना 27 अक्टूबर से शुरू हुई।
*पटना शिक्षक सीट पर सबसे बड़ा उलटफेर*
पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में राजद के डॉ. संजीव कुमार सिंह ने भाजपा के नवल किशोर यादव को 1,057 मतों से हराया। डॉ. संजीव को 4,487 मत मिले, जबकि नवल किशोर यादव को 3,430 मत प्राप्त हुए। इस परिणाम के साथ करीब तीन दशक से सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे नवल किशोर यादव का वर्चस्व समाप्त हो गया।
दरभंगा शिक्षक सीट पर जन सुराज के डॉ. सुरेश प्रसाद राय ने कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और निवर्तमान विधान पार्षद डॉ. मदन मोहन झा को 324 मतों से पराजित किया। यह जीत जन सुराज के लिए महत्वपूर्ण रही। तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के नरेंद्र प्रसाद सिंह ने निर्दलीय प्रत्याशी भूषण कुमार झा को 594 मतों से हराया। नरेंद्र प्रसाद सिंह को 2,945 और भूषण कुमार झा को 2,351 मत मिले। सारण शिक्षक सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी राहुल राज ने 4,965 मत हासिल कर जदयू के आनंद पुष्कर को हराया। आनंद पुष्कर को 3,150 मत मिले।
स्नातक सीटों पर भी दिलचस्प मुकाबला
स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में जदयू के नीरज कुमार ने पटना सीट पर जीत दर्ज की। दरभंगा स्नातक सीट पर भाजपा के सर्वेश कुमार, तिरहुत स्नातक सीट पर निर्दलीय वंशीधर ब्रजवासी और कोसी स्नातक सीट पर भाजपा के डॉ. एनके यादव ने जीत हासिल की। डॉ. एनके यादव ने लगातार तीसरी बार कोसी स्नातक सीट जीतकर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत की।
आंकड़ों में चुनाव की तस्वीर
चुनाव में चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटें शामिल थीं। कुल 150 प्रत्याशियों ने चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमाई। इनमें स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में 90 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में 60 प्रत्याशी शामिल थे। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में 40,253 मतदाता थे, जबकि चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 4.92 लाख मतदाता पंजीकृत थे। मतदान प्रतिशत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में 82.85 और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में 53.42 रहा।
चुनाव परिणामों ने यह स्पष्ट किया कि शिक्षक और स्नातक मतदाताओं के बीच स्थानीय मुद्दों और प्रत्याशियों की व्यक्तिगत स्वीकार्यता का महत्व बना हुआ है। राजद ने पटना शिक्षक सीट जीतकर भाजपा को झटका दिया, जन सुराज ने विधान परिषद में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी अपनी ताकत दिखाई। इन नतीजों से बिहार की राजनीति में आगामी दिनों में नए समीकरण बनने की संभावना है।

