काशी में मोदी – योगी की मौजूदगी नमो घाट पर वायुसेना का एयर शो
गरीब दर्शन / नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में रविवार को काशी के नमो घाट पर ‘विंग्स ऑफ गंगेज’ एयर शो का आयोजन किया गया। इस दौरान वायुसेना के लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों ने गंगा के ऊपर हवाई करतब दिखाए। प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर शहर में उत्साह का माहौल रहा। कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार सुबह अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे। इससे पहले उन्होंने मिर्जामुराद में अरविंद मिल की नई इकाई का उद्घाटन किया। इसके बाद वे सड़क मार्ग से नमो घाट के लिए रवाना हुए। रास्ते में समर्थकों ने उनका स्वागत किया और हर-हर महादेव के नारे लगाए। प्रधानमंत्री ने भी कार रोककर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया।
इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को वाराणसी पहुंचे थे। उन्होंने सबसे पहले काशी के कोतवाल बाबा काल भैरव के मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक कर षोडशोपचार पूजन किया। मुख्यमंत्री ने नमो घाट पहुंचकर एयर शो की तैयारियों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। नमो घाट पर आयोजित एयर शो में वायुसेना के विमानों और हेलीकॉप्टरों के प्रदर्शन ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। आयोजन के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की मौजूदगी में हुए इस कार्यक्रम को काशी के धार्मिक और सांस्कृतिक परिवेश के साथ आधुनिक विमानन प्रदर्शन के संगम के रूप में देखा गया। काशी में आयोजित इस कार्यक्रम के जरिए गंगा तट पर वायुसेना की क्षमता और हवाई प्रदर्शन का प्रदर्शन किया गया। प्रधानमंत्री के दौरे और एयर शो को लेकर शहर में दिनभर गतिविधियां बनी रहीं। एयर शो में तेजस, राफेल और सुखोई-30 एमकेआई जैसे लड़ाकू विमानों के साथ प्रचंड हेलीकॉप्टर ने भी अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम और सारंग हेलीकॉप्टर टीम ने समन्वित हवाई करतब दिखाए। कार्यक्रम भारतीय वायुसेना की 94 वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित तीन दिवसीय प्रदर्शन का समापन था। सरकारी कार्यक्रम के अनुसार, प्रधानमंत्री ने वाराणसी में नई परिधान विनिर्माण इकाई का उद्घाटन भी किया। इस पहल से स्थानीय औद्योगिक गतिविधियों और विशेषकर महिलाओं के रोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

