दीपावली तक धरना-प्रदर्शनों पर रोक लगाने की मांग व्यापारियों ने पीएम मोदी को लिखा पत्र
गरीब दर्शन / नई दिल्ली।
राजधानी दिल्ली में त्योहारी सीजन के दौरान कारोबार पर पड़ रहे असर को देखते हुए व्यापारियों ने दीपावली तक धरना-प्रदर्शनों पर रोक लगाने की मांग की है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर इस संबंध में हस्तक्षेप करने की अपील की है। व्यापारियों का कहना है कि लगातार हो रहे प्रदर्शनों से बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही घट रही है और कारोबार को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल के मुताबिक, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आंदोलन के कारण दिल्ली के व्यापारिक क्षेत्रों में कारोबार प्रभावित हुआ है। उनके दावे के अनुसार, 10 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन के चलते सदर बाजार, चांदनी चौक, चावड़ी बाजार, कनॉट प्लेस और करोल बाग सहित कई प्रमुख बाजारों में व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित रहीं। इससे एक दिन में करीब 2,000 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित होने का अनुमान है। व्यापारियों के मुताबिक, प्रदर्शन का असर केवल बाजारों तक सीमित नहीं रहा। खुदरा कारोबार के साथ होटल, रेस्तरां, परिवहन और पर्यटन क्षेत्र भी प्रभावित हुए हैं। बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही 50 से 70 प्रतिशत तक घटने का दावा किया गया है। दूसरे राज्यों से खरीदारी के लिए दिल्ली आने वाले व्यापारियों और ग्राहकों की संख्या में भी कमी आने की बात कही गई है। सीटीआई का कहना है कि नवरात्र, रामलीला और दीपावली का समय दिल्ली के कारोबारियों के लिए साल का सबसे महत्वपूर्ण कारोबारी दौर होता है। राजधानी में करीब 15 से 20 लाख व्यापारियों की आजीविका इस त्योहारी कारोबार पर निर्भर करती है। ऐसे में यदि प्रदर्शन जारी रहे, तो व्यापारियों का नुकसान बढ़कर 10 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। सीटीआई ने सीजेपी सहित अन्य राजनीतिक दलों से भी अपील की है कि दीपावली तक दिल्ली में धरना-प्रदर्शन आयोजित करने से बचें। संगठन ने सुझाव दिया है कि यदि किसी राजनीतिक दल को विरोध दर्ज कराना है, तो वह दिल्ली से बाहर किसी अन्य स्थान का चयन कर सकता है। व्यापारियों का तर्क है कि इससे विरोध का अधिकार भी बना रहेगा और राजधानी के बाजारों में सामान्य कारोबारी गतिविधियां भी प्रभावित नहीं होंगी। व्यापारी संगठनों ने सरकार से त्योहारी सीजन में बाजारों की सामान्य गतिविधियां बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि इस समय कारोबार में बाधा आने का असर केवल व्यापारियों पर नहीं, बल्कि उनसे जुड़े कर्मचारियों, परिवहन सेवाओं और अन्य छोटे कारोबारियों की आजीविका पर भी पड़ता है। हालांकि, कारोबार के नुकसान से जुड़े ये आंकड़े सीटीआई के दावे पर आधारित हैं।

