जियो का मेगा आईपीओ 21 अक्टूबर से 30213 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी
10.3 लाख करोड़ रुपये के मूल्यांकन पर बाजार की नजर, दूरसंचार क्षेत्र में बढ़ेगी हलचल
गरीब दर्शन/नई दिल्ली
भारतीय शेयर बाजार में अब तक का सबसे बड़ा आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने की तैयारी है। मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स इस निर्गम के जरिए करीब 30,213 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। यह आईपीओ आकार के लिहाज से ह्युंडई मोटर इंडिया के निर्गम को पीछे छोड़ सकता है। कंपनी ने आईपीओ के लिए प्रति शेयर 1,065 से 1,119 रुपये का मूल्य दायरा तय किया है। ऊपरी मूल्य सीमा के आधार पर जियो प्लेटफॉर्म्स का अनुमानित बाजार मूल्य करीब 10.3 लाख करोड़ रुपये, यानी लगभग 108 अरब डॉलर होगा। निर्गम के लिए आवेदन 21 से 23 अक्टूबर तक किए जा सकेंगे। बड़े संस्थागत निवेशकों के लिए बोली लगाने की प्रक्रिया 19 अक्टूबर को प्रस्तावित है। शेयरों की सूचीबद्धता 28 अक्टूबर को संभावित है।
*कर्ज चुकाने में इस्तेमाल होगी रकम*
इस आईपीओ के तहत नए शेयर जारी किए जाएंगे। कंपनी की योजना जुटाई गई रकम का बड़ा हिस्सा रिलायंस जियो इन्फोकॉम का कर्ज चुकाने में लगाने की है। इससे दूरसंचार कारोबार पर कर्ज का बोझ कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
53 करोड़ से अधिक ग्राहक
जियो देश की प्रमुख दूरसंचार कंपनियों में शामिल है। उसके पास 53 करोड़ से अधिक ग्राहक हैं और देश के वायरलेस डेटा इस्तेमाल में उसकी हिस्सेदारी करीब 60 प्रतिशत बताई जाती है। मोबाइल सेवाओं के अलावा कंपनी ब्रॉडबैंड, डिजिटल सेवाओं और तकनीक आधारित कारोबार में भी विस्तार कर रही है। मेटा और गूगल जैसी वैश्विक कंपनियां जियो प्लेटफॉर्म्स में निवेश कर चुकी हैं।
बाजार विशेषज्ञों की नजर इस निर्गम पर रहेगी। क्लाउड और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में जियो की योजनाएं भी निवेशकों के लिए अहम होंगी। कंपनी के पात्र शेयरधारकों और कर्मचारियों के लिए विशेष आरक्षण रखा गया है। हालांकि, निवेशकों को आवेदन से पहले आईपीओ के दस्तावेज, कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, मूल्यांकन और जोखिमों का अध्ययन करना चाहिए।

