राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड की 13 वीं शासी निकाय की बैठक हैदराबाद में सम्पन्न

— बैठक में कई राज्य/ केंद्र शासित प्रदेश के मत्स्य पालन विभाग के प्रतिनिधि एवं एनएफडीबी शासी निकाय के 13 गैर- आधिकारिक सदस्य भी शामिल
गरीब दर्शन / पटना : पद्म श्री डॉक्टर अय्यपन कॉन्फ्रेंस हॉल एनएफडीबी हैदराबाद में आयोजित राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड की 13वीं शासी निकाय की बैठक मंगलवार को केंद्रीय मत्स्य पालन पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय तथा पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में तेलंगाना सरकार के पशुपालन डेयरी विकास और मत्स्य पालन मंत्री वाक़िती श्री हरि, अरुणाचल प्रदेश सरकार के मत्स्य पालन मंत्री डेंगवांग वांगसु और त्रिपुरा सरकार के मत्स्य पालन मंत्री सुधांशु दास के अलावा और राज्य/ केंद्र शासित प्रदेश के मत्स्य पालन विभाग के प्रतिनिधि और एनएफडीबी शासी निकाय के 13 गैर -आधिकारिक सदस्य भी उपस्थित थे। बिहार प्रदेश का प्रतिनिधित्व श्री यतीन्द्र कश्यप ने किया। बैठक में मत्स्य पालन विभाग के सचिव डॉक्टर अभिलक्ष लिखी नीति आयोग के सदस्य प्रोफेसर रमेश चंद्र डॉक्टर विजय कुमार बेहेरा भी शामिल थे। बैठक में जानकारी दी गई कि देश का मछली उत्पादन वर्ष2019-20 के141.64लाख टन के बढ़कर 197.75 लाख टन हो गया है। राज्यों के मंत्रियों ने मछली बाजारों एवं एकीकृत एक्वा पार्क की स्थापना के लिए लगातार केंद्रीय सहायता की मांग की। ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के लिए अमृत सरोवरों, जलाशयों और अन्य जल निकायों का मछली पालन में उत्पादक उपयोग करने पर जोर दिया गया। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के प्रभावी क्रियानवयन और मछुआरों महिलाओं एवं स्वयं सहायता समूह के लिए प्रशिक्षण पर चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री श्री सिंह ने निर्देश दिया कि एनएफडीबी के आगामी कार्यों का आधार मापनीय परिणाम होना चाहिए।


