गाद से बनेगी सड़क नदियों की बढ़ेगी जलधारण क्षमता बिहार में ‘नदी संजीवनी’ पहल को मिली रफ्तार
राष्ट्रीय राजमार्ग की 16 निर्माणाधीन परियोजनाओं में 243 लाख घन
मीटर गाद का होगा उपयोग, 27 भावी परियोजनाओं के लिए 835 लाख घन मीटर का प्रस्ताव
गरीब दर्शन / नई दिल्ली
बिहार में बाढ़ की समस्या से निपटने, नदियों और जल निकायों के पुनरुद्धार तथा राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण को गति देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने बड़ी पहल की है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय तथा बिहार सरकार के बीच नदियों और अन्य जल निकायों से वैज्ञानिक तरीके से गाद निकालने और उसका उपयोग राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में करने को लेकर समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की उपस्थिति में यह समझौता हुआ। ‘नदी संजीवनी’ नाम से शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य नदियों की जलधारण क्षमता बढ़ाना, जल निकासी व्यवस्था में सुधार करना, बाढ़ के खतरे को कम करना और कृषि भूमि का संरक्षण करना है। इसके साथ ही नदियों से निकाली गई उपयुक्त गाद को सड़क निर्माण सामग्री के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि नदियों में लगातार गाद जमा होने से उनकी जलधारण क्षमता प्रभावित हुई है। बिहार में नेपाल से आने वाली नदियां बड़ी मात्रा में पानी और गाद लेकर पहुंचती हैं, जिससे बाढ़ की समस्या गंभीर हो जाती है। वैज्ञानिक तरीके से गाद निकालने से जल प्रवाह बेहतर होगा और जल निकायों का पुनरुद्धार संभव होगा। उन्होंने कहा कि इससे निर्माण लागत घटाने और राजमार्ग परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में भी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में बार-बार आने वाली बाढ़ से किसानों, कृषि भूमि, आजीविका और आधारभूत संरचनाओं को भारी नुकसान होता है। इसी समस्या के समाधान के लिए बिहार जल स्रोत पुनरुद्धार एवं गाद प्रबंधन नीति, 2026 तैयार की गई है। इसके तहत बाढ़ के बाद खेतों में जमा रेत और गाद हटाने में भी किसानों को सुविधा मिलेगी। उन्होंने समझौते को राज्य में बाढ़ प्रबंधन, कृषि विकास और आधारभूत संरचना के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
16 परियोजनाओं में 243 लाख घन मीटर गाद का उपयोग
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने बिहार में 16 निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में 243 लाख घन मीटर उपयुक्त गाद के इस्तेमाल की योजना बनाई है। वहीं, 27 भावी परियोजनाओं में 835 लाख घन मीटर गाद के उपयोग का प्रस्ताव है। इसका इस्तेमाल तकनीकी जांच और आवश्यक स्वीकृति के बाद किया जाएगा। फिलहाल बिहार में एनएचएआई की 1,561 किलोमीटर लंबाई वाली 39 परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं, जिनमें करीब 58,340 करोड़ रुपये का निवेश हो रहा है। इसके अतिरिक्त 1,982 किलोमीटर लंबाई की 11 परियोजनाएं प्रस्तावित हैं।
सुरक्षा और निगरानी के साथ होगी गाद की निकासी
समझौते के तहत बिहार सरकार का सड़क निर्माण विभाग नोडल विभाग होगा। गाद निकालने से पहले जल निकायों का तकनीकी आकलन किया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि नदी के पारिस्थितिकी तंत्र, तटबंधों, पुलों और अन्य संरचनाओं को नुकसान न पहुंचे। गाद की गुणवत्ता का परीक्षण सड़क निर्माण के निर्धारित मानकों के अनुसार होगा। सरकार के अनुसार, बिहार में राष्ट्रीय राजमार्गों का नेटवर्क वर्ष 2014 के 4,615 किलोमीटर से बढ़कर करीब 6,500 किलोमीटर हो गया है। इस पहल से नदी पुनरुद्धार और सड़क निर्माण को जोड़कर राज्य में विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।


मीटर गाद का होगा उपयोग, 27 भावी परियोजनाओं के लिए 835 लाख घन मीटर का प्रस्ताव